रामगढ़ (झारखंड): जिले में पशुओं को मुंहपका-खुरपका (एफएमडी) रोग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरुवार को विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। समाहरणालय परिसर से उपायुक्त ऋतुराज ने वैक्सीनेशन वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने कहा कि मुंहपका-खुरपका (Foot and Mouth Disease) पशुओं में तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसका सीधा असर पशुधन के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन पर पड़ता है। उन्होंने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की कि वे अपने गाय और भैंसों का निःशुल्क टीकाकरण कराकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
जिला पशुपालन विभाग के अनुसार, 1 जुलाई से 29 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस अभियान के दौरान रामगढ़ जिले में कुल 1,29,300 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रखंडवार लक्ष्य में पतरातू में 27,950, मांडू में 33,700, रामगढ़ प्रखंड में 16,400, दुलमी में 13,800, गोला में 31,150 तथा चितरपुर में 6,300 पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
अभियान के तहत प्रशिक्षित टीकाकरण दल गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं को निःशुल्क टीका लगाएंगे। टीकाकरण से पहले प्रत्येक पशु के कान में भारत सरकार द्वारा निर्धारित यूनिक आईडी (UID) टैग लगाया जाएगा तथा उसका पंजीकरण ‘भारत पशुधन’ ऐप पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए पशुपालकों के मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी टीकाकरण दल को उपलब्ध कराना आवश्यक होगा।
उपायुक्त ने कहा कि समय पर टीकाकरण से पशुओं को गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी, दुग्ध उत्पादन और उत्पादकता में सुधार होगा तथा पशुपालकों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे टीकाकरण दल का सहयोग करें और निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अभियान को सफल बनाएं।
जिला पशुपालन विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य रामगढ़ को मुंहपका-खुरपका रोग से मुक्त जिला बनाना तथा पशुधन को अधिक सुरक्षित और उत्पादक बनाना है।