रामगढ़ (झारखंड) : जिले में सड़क एवं खनन क्षेत्र से जुड़ी दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की उपस्थिति में सीसीएल प्रबंधन, विभिन्न खनन परियोजनाओं के अधिकारियों तथा ट्रांसपोर्टर्स के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाल के दिनों में हुई दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान बारलौंग में हुई सड़क दुर्घटना तथा अरगड्डा क्षेत्र में अवैध मुहाने से कोयला निकालने के दौरान हुई दुर्घटना पर गंभीरता से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन घटनाओं से सबक लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सीसीएल प्रबंधन एवं सभी ट्रांसपोर्टर्स को वाहन चालकों से भरवाए जाने वाले शपथ पत्र का प्रारूप उपलब्ध कराया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित एजेंसियां निर्धारित प्रारूप के अनुसार वाहन चालकों से शपथ पत्र भरवाना सुनिश्चित करें तथा यातायात एवं सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कराएं।
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने सीसीएल प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर्स को अपने-अपने प्रतिष्ठानों एवं कार्यस्थलों पर वाहन चालकों के साथ नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चालकों को सुरक्षित वाहन संचालन, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशामुक्त होकर वाहन चलाने, पर्याप्त विश्राम के बाद ड्यूटी करने, ओवरलोडिंग से बचने तथा सड़क सुरक्षा के अन्य आवश्यक नियमों के प्रति लगातार जागरूक किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक में अवैध खनन को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने सीसीएल सहित सभी खनन परियोजनाओं के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित अवैध मुहानों की पहचान कर उन्हें स्थायी रूप से बंद कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी कर अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने कहा कि सड़क सुरक्षा और अवैध खनन की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टर्स एवं परियोजना प्रबंधन से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने, वाहन चालकों का नियमित सत्यापन कराने, वाहनों की तकनीकी जांच सुनिश्चित करने तथा परिवहन कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की अपील की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क एवं खनन सुरक्षा से जुड़े सभी निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, सीसीएल एवं अन्य खनन परियोजनाओं के अधिकारी, विभिन्न ट्रांसपोर्टर्स तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।