रांची (झारखंड) : राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के आसपास विमान संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एयरपोर्ट के आसपास स्थित 40 ऊंची इमारतों पर एयरक्राफ्ट वॉर्निंग (लाल चेतावनी) लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह व्यवस्था विशेष रूप से रात के समय पायलटों को ऊंची संरचनाओं की स्पष्ट पहचान कराने में मदद करेगी, जिससे उड़ान सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार जिला प्रशासन ने ऐसे भवनों का सर्वे कराया है, जिनकी ऊंचाई निर्धारित विमानन सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। इन्हीं भवनों पर चेतावनी लाइट लगाने का निर्णय लिया गया है ताकि टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा की आशंका कम हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि जिन भवन मालिकों ने अब तक निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया है, उन्हें दोबारा नोटिस जारी किए जाएंगे। पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुई विमानपत्तन पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते सुरक्षा जोखिमों की विस्तार से समीक्षा की गई थी। बैठक में बिरसा चौक की ओर स्थित ऊंची इमारतों सहित अन्य संभावित अवरोधों पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में पक्षियों के टकराव (बर्ड हिट) की घटनाओं की संभावना कम करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके तहत एयरपोर्ट के आसपास संचालित अवैध मांस एवं मछली की दुकानों, बूचड़खानों तथा खुले में खाद्य अपशिष्ट फेंकने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
इसके अलावा हिनू, बिरसा चौक और हवाई नगर क्षेत्र में संचालित फूड वैन, रेस्तरां एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के कचरा प्रबंधन की भी नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि एयरपोर्ट परिसर के आसपास स्वच्छता बनी रहे और पक्षियों का जमाव कम हो सके। इन उपायों का उद्देश्य विमानन सुरक्षा मानकों को और अधिक प्रभावी बनाना तथा यात्रियों की सुरक्षित हवाई यात्रा सुनिश्चित करना है।