बरसात के मौसम में सतर्क रहें, सुरक्षित रहें : रामगढ़ जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

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उपायुक्त ऋतुराज की अपील : मौसम विभाग की चेतावनी का करें पालन, नदी-नालों, डैम और जलभराव वाले क्षेत्रों से रहें दूर

प्रशासन ने कहा है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, तालाब, डैम और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें तथा बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें। जलभराव वाले इलाकों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।

आकाशीय बिजली की आशंका होने पर खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें। बिजली कड़कने के दौरान घर के भीतर सुरक्षित स्थान पर रहें तथा मोबाइल चार्जर, विद्युत उपकरणों और खुले तारों के संपर्क से बचें। किसानों से भी मौसम सामान्य होने के बाद ही खेतों में कार्य करने की अपील की गई है।

तेज हवा और आंधी के दौरान कमजोर एवं जर्जर भवनों, दीवारों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। घरों की छतों पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखें। यदि कहीं बिजली का टूटा हुआ तार दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।

पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन या मिट्टी धंसने जैसी संभावित घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसी भी स्थान पर दरार, मिट्टी खिसकने या अन्य असामान्य स्थिति दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।

बरसात के मौसम में जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ, उबला हुआ अथवा फिल्टर किया हुआ पानी पीने, ताजा एवं साफ भोजन करने तथा घरों के आसपास जलजमाव नहीं होने देने की सलाह दी गई है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

वाहन चालकों से वर्षा के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने, आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा जलभराव वाले मार्गों और क्षतिग्रस्त सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा संबंधित विभाग को दें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य समय पर शुरू किया जा सके।

उपायुक्त  ऋतुराज ने कहा कि “आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और समय पर सतर्कता है। सभी नागरिक मौसम विभाग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें, अफवाहों से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।”