कोनार डैम से निकली 68 किलो की दो विशाल मछलियां, 42 और 26 किलो की ब्रिकेट ने लोगों को किया हैरान

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गोमिया (बोकारो),झारखंड : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड स्थित कोनार डैम में मंगलवार को मछुआरों के जाल में दो विशाल ब्रिकेट मछलियां फंसने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। दोनों मछलियों का कुल वजन 68 किलोग्राम रहा, जिनमें एक का वजन 42 किलोग्राम और दूसरी का 26 किलोग्राम बताया गया। इतनी बड़ी मछलियों को बाहर निकालने के लिए कई लोगों की मदद लेनी पड़ी।

मछलियों के पकड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग डैम के किनारे पहुंच गए। लोगों ने इस दुर्लभ नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और मछलियों को देखने के लिए भीड़ जुट गई।

जरकुंडा मत्स्यजीवी समिति को मिली बड़ी सफलता

यह उपलब्धि जरकुंडा मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मछुआरों को मिली। समिति के अध्यक्ष धीरज लहेरी के नेतृत्व में अशोक महतो, महावीर महतो, जमुना महतो, तापेश्वर महतो और देवेंद्र महतो सहित अन्य सदस्यों ने जाल डालकर इन विशाल मछलियों को पकड़ा।

समिति अध्यक्ष धीरज लहेरी ने बताया कि कोनार डैम में कई प्रकार की बड़ी मछलियां पाई जाती हैं, लेकिन 40 किलोग्राम से अधिक वजन वाली मछली का मिलना बेहद कम होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बड़ी पकड़ से मछुआरों को अच्छी आय होती है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

मत्स्य पालन से जुड़ी है सैकड़ों परिवारों की आजीविका

स्थानीय मछुआरों के अनुसार, कोनार डैम वर्षों से क्षेत्र के लोगों की आजीविका का प्रमुख स्रोत बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में मछुआरे केज कल्चर और पारंपरिक मत्स्य पालन के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इससे स्थानीय बाजारों में ताजी मछलियों की उपलब्धता भी बनी रहती है।

सरकारी सहयोग की उठी मांग

मछुआरों ने सरकार से आधुनिक मत्स्य पालन उपकरण, तकनीकी प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि बेहतर संसाधन और सहयोग मिले तो कोनार डैम क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

42 और 26 किलोग्राम की इन विशाल ब्रिकेट मछलियों की पकड़ को क्षेत्र के मछुआरों ने अपने लिए बड़ी उपलब्धि बताया और इसे कोनार डैम की समृद्ध मत्स्य संपदा का प्रमाण माना।