रामगढ़ (झारखंड) : बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (बीएफसीएल) ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH–Prevention of Sexual Harassment) विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित कर सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। इन सत्रों का उद्देश्य कर्मचारियों, हाउसकीपिंग स्टाफ तथा संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) श्रमिकों के बीच सम्मान, गरिमा, समानता और सुरक्षित कार्य वातावरण के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों और दायित्वों, पेशेवर आचरण, अनुचित व्यवहार की पहचान तथा शिकायत निवारण की उपलब्ध प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि उत्पीड़न-मुक्त, सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल के निर्माण एवं संरक्षण में प्रत्येक कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
बीएफसीएल ने विशेष रूप से हाउसकीपिंग स्टाफ और संविदा श्रमिकों को इस अभियान में शामिल कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षा का अधिकार सभी के लिए समान है, चाहे उनकी भूमिका या रोजगार का स्वरूप कुछ भी हो। कंपनी का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा और सम्मान के साथ कार्य करने का अधिकार है।
कंपनी के अनुसार यह पहल बीएफसीएल की उस सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत संगठन कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों, जागरूकता, समान अवसरों और कर्मचारी कल्याण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नियमित प्रशिक्षण और संवेदनशीलता कार्यक्रमों के माध्यम से कंपनी ऐसी कार्य संस्कृति विकसित कर रही है, जहां प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे।
बीएफसीएल ने कहा कि कार्यस्थल की सुरक्षा केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सम्मान, गरिमा और पारस्परिक विश्वास ही एक प्रगतिशील, सकारात्मक और उत्पादक कार्यस्थल की मजबूत आधारशिला हैं।