रामगढ़, झारखंड में पर्यटन सर्किट विकसित करने की तैयारी, उपायुक्त ऋतुराज ने ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों का किया निरीक्षण

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रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। रविवार को उपायुक्त ऋतुराज ने पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत, वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार एवं अन्य अधिकारियों के साथ जिले के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर उन्हें एक एकीकृत पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना पर मंथन किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि रामगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध जिला है। यदि प्रमुख स्थलों को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाए तो न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

डेली पाइला में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर

दुलमी प्रखंड स्थित डेली पाइला धार्मिक स्थल के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का निर्माण, आकर्षक तोरण द्वार, बैठने की व्यवस्था, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

किला मंदिर में पार्किंग और प्रकाश व्यवस्था होगी मजबूत

रामगढ़ शहर स्थित किला मंदिर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

कैथा के प्राचीन शिव मंदिर के संरक्षण पर विशेष ध्यान

प्राचीन शिव मंदिर, कैथा के निरीक्षण के दौरान मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार (रेस्टोरेशन) कार्यों को प्राथमिकता देने और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जनसुविधाओं के विकास के निर्देश दिए गए।

वर्ल्ड वॉर-2 सिमेट्री और रामगढ़ किला के इतिहास को मिलेगा नया आयाम

उपायुक्त ने रामगढ़ स्थित वर्ल्ड वॉर-2 सिमेट्री (चाइना कब्रिस्तान) का निरीक्षण कर इसके ऐतिहासिक महत्व के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया। वहीं रामगढ़ किला (गढ़बांध किला) के निरीक्षण के दौरान जिला पर्यटन पदाधिकारी को इसके पौराणिक एवं ऐतिहासिक तथ्यों का विस्तृत दस्तावेज तैयार करने का निर्देश दिया गया।

गांधी घाट की बंद परियोजनाएं होंगी शुरू

गांधी घाट (मुक्तिधाम) का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने बंद पड़ी विकास परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही मुक्तिधाम संचालन समिति को विकास संबंधी आवश्यक प्रस्ताव जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा।

मुर्रामकला में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज का लिया जायजा

मुर्रामकला क्षेत्र में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिले में नए पर्यटन आकर्षण विकसित करते समय पर्यटकों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

एनवायरमेंट अवेयरनेस सेंटर को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी

वन प्रमंडल पदाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित एनवायरमेंट अवेयरनेस सेंटर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने इसके विकास एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि पर्यटन सर्किट विकसित होने से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पर्यटन स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का आकलन करने तथा ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों के दस्तावेजीकरण का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, जिला खेल सह पर्यटन पदाधिकारी संजीत कुमार सहित जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।