रामगढ़ (झारखंड) :जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), रामगढ़ के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न श्रेणी के 40 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया, जिससे ₹70 हजार के राजस्व की प्राप्ति हुई।
यह लोक अदालत माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मो. तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कर लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना था।
लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण विवाद, दीवानी एवं आपराधिक अपील, बैंक एवं बीमा संबंधी मामले, राजस्व विवाद, चेक बाउंस तथा मोटर वाहन दावा प्रकरणों सहित विभिन्न मामलों का निपटारा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) की प्रभावी व्यवस्था है, जिसमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का शीघ्र निपटारा होता है। इससे न्यायालयी प्रक्रिया का समय और खर्च दोनों कम होते हैं तथा आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।
डीएलएसए के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि विभिन्न प्रकार के मामलों के निष्पादन के लिए अलग-अलग न्यायिक पीठों का गठन किया गया था। इन पीठों में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ पैनल अधिवक्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पक्षकारों के बीच समझौते के माध्यम से मामलों का समाधान कराया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम लोगों से अपील की कि वे अपने विवादों के त्वरित, सरल और कम खर्चीले समाधान के लिए लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाएं। प्राधिकरण का कहना है कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को संतोषजनक एवं न्यायसंगत समाधान प्राप्त होता है और न्याय तक पहुंच आसान बनती है।