हजारीबाग के तेरह माइल के पास हाईवा पर फिर फायरिंग, पर्चा छोड़कर फरार हुए अपराधी

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बड़कागांव (हजारीबाग), झारखंड : हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में कोयला परिवहन कार्य एक बार फिर अपराधियों के निशाने पर आ गया। शनिवार देर रात करीब 11 बजे तेरह माइल से लगभग 200 मीटर आगे अज्ञात अपराधियों ने दो हाईवा वाहनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी। घटना के बाद अपराधी मौके पर “प्रिंस खान K.S.S.” लिखा पर्चा छोड़कर फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार तीन अपराधी पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही कोयला लदे हाईवा वहां पहुंचे, अपराधियों ने करीब सात राउंड गोलियां चलाईं। इसके साथ ही लोहे की रॉड से दोनों वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। घटना में वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि चालक बाल-बाल बच गए।

गौरतलब है कि शनिवार को ही हजारीबाग के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इसके कुछ ही घंटे बाद हुई इस वारदात ने अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और पुलिस के सामने चुनौती को उजागर कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि 24 जुलाई की रात केरेडारी पुलिस ने प्रिंस गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अपराधी को मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर घायल किया था, जबकि दूसरे आरोपी को पिस्टल और बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद गिरोह की गतिविधियां थमती नजर नहीं आ रही हैं।

यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 22 अप्रैल 2026 को भी तेरह माइल के समीप अपराधियों ने दिनदहाड़े कोयला ढुलाई कर रहे एक हाईवा में आग लगा दी थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से कोयला परिवहन कार्य में लगे चालकों और कर्मचारियों में भय का माहौल है।

घटना के बाद परियोजना प्रबंधन ने वारदात की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल से मिले पर्चे सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की तलाश की जा रही है।

वायरल ऑडियो की भी हो रही चर्चा

घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम से एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में घटना की जिम्मेदारी लेने के साथ-साथ कई अन्य दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, प्रभात खबर इस वायरल ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वहीं, पुलिस भी वायरल ऑडियो की सत्यता और उसके स्रोत की जांच कर रही है। ऐसे में आधिकारिक पुष्टि होने तक ऑडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती।