रामगढ़, झारखंड : गोला बाइपास निर्माण को मिली रफ्तार, डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू; रजरप्पा एप्रोच रोड भी बनेगा

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रांची / रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ जिले के गोला क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से लंबित गोला बाइपास सड़क निर्माण परियोजना अब जमीन पर उतरती दिख रही है। झारखंड पथ निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाते हुए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा की ओर जाने वाले मार्ग के लिए एप्रोच रोड के निर्माण की भी योजना बनाई गई है।

विभाग ने डीपीआर तैयार करने के लिए योग्य कंसल्टेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एजेंसियों से 10 अगस्त 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जबकि 11 अगस्त 2026 को तकनीकी प्रक्रिया के तहत चयन किया जाएगा। चयनित एजेंसी सड़क की लंबाई, चौड़ाई, पुल-पुलिया, भूमि अधिग्रहण, यातायात भार, पर्यावरणीय पहलुओं और अनुमानित लागत सहित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगी।

जाम से मिलेगी राहत

गोला बाजार और मुख्य सड़क पर प्रतिदिन भारी वाहनों तथा स्थानीय यातायात के कारण लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है। बाइपास बनने के बाद बाहरी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। इससे आम लोगों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

रजरप्पा आने वाले श्रद्धालुओं को होगा लाभ

परियोजना के तहत प्रस्तावित रजरप्पा एप्रोच रोड बनने से मां छिन्नमस्तिका मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी। त्योहारों और विशेष अवसरों पर लगने वाले भीषण जाम की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।

डीपीआर के बाद शुरू होगी आगे की प्रक्रिया

पथ निर्माण विभाग के अनुसार, डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति, बजट आवंटन और टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। विभाग का मानना है कि वैज्ञानिक आधार पर तैयार डीपीआर से परियोजना का कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सकेगा।

क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आयाम

गोला बाइपास और रजरप्पा एप्रोच रोड के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार, उद्योग और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। साथ ही रामगढ़, बोकारो, रांची और हजारीबाग की ओर आवागमन करने वाले लोगों के लिए यात्रा अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो गोला क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।