JSSC-CGL, CDPO और JPSC परीक्षाओं पर सरकार के रद्द करने  आदेश को हाईकोर्ट की रोक, अभ्यर्थियों को राहत

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रांची, झारखंड : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा रद्द की गई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को JSSC-CGL, CDPO,  FSO समेत संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकारी फैसले पर रोक लगा दी है। इसके बाद फिलहाल इन परीक्षाओं को रद्द करने से जुड़ी सरकारी अधिसूचनाओं पर अमल नहीं किया जा सकेगा। इससे पूर्व कल गुरुवार को हाईकोर्ट 11-13 जेपीएससी की परीक्षा रद्द करने के आदेश को रद्द कर दिया था ।

सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए आगे की प्रक्रिया कोर्ट के निर्देश के अनुसार संचालित करने का रास्ता साफ किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश से चयनित और प्रभावित अभ्यर्थियों में राहत है।

नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों को भी राहत

सरकारी आदेश के बाद जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, उन्हें भी हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली है। ऐसे कर्मचारियों को अपने संबंधित पद और कार्यस्थल पर दोबारा योगदान देने की अनुमति दी गई है। इससे नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों के लिए फिर से सेवा में लौटने का रास्ता खुल गया है।

मामले में अब अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। उस दौरान सरकार की ओर से अपना पक्ष और जवाब अदालत के समक्ष रखा जाएगा।

चयनित अभ्यर्थी ने कहा- कोर्ट से मिला न्याय

हाईकोर्ट के आदेश पर ASO चयनित अभ्यर्थी अविनाश कुमार ने कहा कि उन्हें अदालत के माध्यम से न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार अब कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगी और उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद अभ्यर्थियों में काफी चिंता थी, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश से उन्हें राहत मिली है।

JPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई

इधर, JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है। मामले की सुनवाई 24 अगस्त 2026 को होगी।

इस याचिका में JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ करेगी।