पार्श्व गायक मुकेश की 50वीं पुण्यतिथि पर सजी ‘एक शाम मुकेश के नाम’ संगीत संध्या

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कलाकारों ने सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर महान गायक को दी श्रद्धांजलि, नई पीढ़ी को मुकेश की गायिकी से जोड़ने का प्रयास

रामगढ़ कैंट, झारखंड :  हिंदी सिनेमा के महान पार्श्व गायक मुकेश चंद्र माथुर (मुकेश) की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को रामगढ़ में विशेष संगीतमय कार्यक्रम ‘एक शाम मुकेश के नाम’ का आयोजन किया गया। थाना चौक स्थित रोटरी क्लब ऑफ रामगढ़ के सभागार में आयोजित इस क्लासिकल एवं सूफियाना संगीत संध्या में विभिन्न राज्यों से आए गायक-गायिकाओं और संगीतकारों ने मुकेश के सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ रामगढ़ एवं स्वरांजलि क्लासिकल सूफियाना और बिनाका गीतमाला के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. गीता सिन्हा मानकी, रोटरी क्लब ऑफ रामगढ़ के अध्यक्ष राजेश कुमार मोदी एवं सचिव आशीष दास ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों एवं उपस्थित लोगों ने महान गायक मुकेश के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उपस्थित लोग

‘मुकेश की आवाज आज भी लोगों के दिलों में बसती है’

मुख्य अतिथि डॉ. गीता सिन्हा मानकी ने कहा कि मुकेश की आवाज आज भी लोगों के दिलों में उसी तरह बसी हुई है। उनकी गायिकी में भावनाओं की गहराई और सादगी का अद्भुत मेल था। इस तरह के कार्यक्रम नई पीढ़ी को मुकेश की गायिकी और भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रोटेरियन राजेश कुमार मोदी एवं रोटेरियन आशीष दास ने कहा कि पार्श्व गायक मुकेश की आवाज में सादगी, संवेदना और आत्मीयता का अद्भुत संगम था। यही कारण है कि उनके गीत आज भी श्रोताओं को भावुक कर देते हैं। मुकेश के गीत हर तरह की भावनाओं को सीधे श्रोताओं के दिल तक पहुंचाते थे। भारतीय संगीत जगत में उनका योगदान सदैव अमूल्य रहेगा।

सदाबहार गीतों से भावुक हुआ सभागार

संगीत संध्या के दौरान स्वरांजलि क्लासिकल सूफियाना एवं बिनाका गीतमाला से जुड़े गायक-गायिकाओं ने मुकेश के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। ‘दीवानों से यह मत पूछो दीवानों पर क्या गुजरी है’, ‘जाने कहां गए वो दिन’, ‘जीना यहां मरना यहां’ और ‘एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल’ जैसे गीतों ने सभागार में मौजूद श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान आलिया आनंद ने नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं गायक अभय पॉल, केदार सिंह एवं तबला वादक सॉकेट बनर्जी ने अपनी प्रस्तुतियों से संगीत संध्या को और यादगार बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।

आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य महान गायक मुकेश की संगीत साधना और उनकी कालजयी गायिकी को याद करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को क्लासिकल एवं सूफियाना संगीत की परंपरा से परिचित कराना भी है। मुकेश भारतीय संगीत जगत की ऐसी आवाज हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी लंबे समय तक याद करती रहेंगी।

कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ रामगढ़ के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार राय, कमलेश्वर सिंह, अमरेश गणक, सुरेश बौंदिया, राहुल जैन पाटनी, संजय जैन, जयता दास, विद्या बौंदिया, आशा सिंह, नरेश पासवान सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।