किला मंदिर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई बालकृष्ण की छठीयारी

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भव्य भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, शाम तक चला आयोजन

रामगढ़ कैंट, झारखंड :  शिवाजी रोड स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी राधा रानी किला मंदिर परिसर में बुधवार को बालकृष्ण की छठीयारी श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारे का शुभारंभ किला मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनुप कुमार उर्फ बाबू साहेब, महासचिव डॉ. संजय प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष किशोर जाजू, प्रधान पुजारी सह ज्योतिषाचार्य पंडित गोविंद बल्लभ शर्मा और पंडित मुरारी मोहन शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।

दोपहर 12 बजे शुरू हुआ भंडारा शाम 5 बजे तक चला। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई थी। भक्तों ने कतारबद्ध होकर पूड़ी, खीर और छोला का प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।

सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है छठीयारी

मंदिर समिति के महासचिव डॉ. संजय प्रसाद सिंह ने कहा कि बालकृष्ण की छठीयारी सनातन परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के छठे दिन होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं को भगवान के बाल स्वरूप से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर समिति धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी भगवान श्रीकृष्ण के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।

बताया गया कि जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव विधि-विधान से मनाया गया था। इसी क्रम में जन्मोत्सव के छठे दिन बालकृष्ण की छठीयारी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में रूपा शर्मा, पूजा शर्मा, पुष्पा शर्मा, विद्या देवी, अर्चना केशरी, कोमल माली, नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।