रामगढ़, झारखंड : जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने गुरुवार को जिला समाहरणालय परिसर में धरना दिया। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन, प्रशासनिक निरीक्षण और पूर्व में हुई दुर्घटनाओं पर की गई कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
धरने के दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि 6 अप्रैल से 21 अगस्त 2026 के बीच जिले के विभिन्न कारखानों में तीन गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाएं सामने आईं। उनके अनुसार, इन घटनाओं में नौ श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 14 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए और दो श्रमिकों के स्थायी रूप से दिव्यांग होने की बात सामने आई है।
उन्होंने प्रशासन से जानना चाहा कि इन घटनाओं की जांच के लिए गठित समितियों ने क्या निष्कर्ष दिए हैं और संबंधित कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से किस स्तर पर निगरानी की जा रही है।
पूर्व विधायक ने श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट, झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड तथा मां छिन्नमस्तिका आयरन एंड स्पंज प्लांटमें हुई दुर्घटनाओं की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की
पूर्व विधायक ने कई और मामलों पर भी उठाया सवाल
धरने के दौरान पूर्व विधायक ने ठेका श्रमिकों को पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं मिलने, कारखानों में एंबुलेंस एवं आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की उपलब्धता तथा श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी दिए जाने की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूरे jile भर में हो औद्योगिक प्रदूषण और पूरे जिले और कोलियरिओं में चल रहे ओवरलोड वाहनों का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने बिना आवश्यक आदेश अथवा अनुमति के संचालित किए जा रहे प्लांटों को लेकर भी प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
प्रशासन के जवाब के बाद समाप्त हुआ धरना
पूर्व विधायक के धरने के बाद जिला प्रशासन की ओर से गोपनीय शाखा प्रभारी रविंद्र कुमार गुप्ता ने उनसे बातचीत की। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक दुर्घटनाओं को लेकर अब तक हुई जांच और कार्रवाई की जानकारी पूर्व विधायक को दी।
प्रशासन की ओर से श्रीराम पावर प्लांट के संबंध में की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया गया। वहीं, कुछ अन्य औद्योगिक इकाइयों से संबंधित जांच रिपोर्ट अभी लंबित होने की जानकारी दी गई।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी से संतुष्ट होने के बाद पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
धरने में प्रकाश मिश्रा, कमलनाथ महतो, रामेश्वर महतो, सुनील कुमार महतो, पारसनाथ महतो, मुन्ना विश्वकर्मा, जमुना बेदिया, नारायण प्रसाद, धर्मवीर महतो, चरण केवट, प्रेम नाथ साहू, अमलेश कुमार सिंह और भगवान साहू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।