रांची, झारखंड : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) की वर्ष 2026-27 की नई कार्यकारिणी के लिए रविवार को हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। चुनाव परिणाम में टीम तुलसी पटेल ने स्पष्ट बहुमत के साथ बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की है। नई 21 सदस्यीय कार्यकारिणी में टीम तुलसी पटेल के 13 उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि टीम मुकेश के 8 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
वहीं, चुनाव को त्रिकोणीय मुकाबले में बदलने के प्रयास में मैदान में उतरी पूनम आनंद की टीम पी-21 को इस चुनाव में सफलता नहीं मिल सकी। टीम की ओर से मैदान में उतरे सभी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
रांची के हरमू स्थित मारवाड़ी भवन में रविवार को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक चला। मतदान समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे मतगणना शुरू की गई। चुनाव में कुल 4214 मतदाता अपने मताधिकार के लिए पात्र थे, जिनमें से 2860 मतदाताओं ने मतदान किया।
मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव पदाधिकारी पवन शर्मा ने आधिकारिक रूप से परिणामों की घोषणा की। परिणाम सामने आने के साथ ही चैंबर की नई कार्यकारिणी की तस्वीर भी स्पष्ट हो गई।
21 सदस्य करेंगे पदाधिकारियों का चयन
चुनाव पदाधिकारी पवन शर्मा के अनुसार निर्वाचित 21 कार्यकारिणी सदस्य अब एफजेसीसीआई की वर्ष 2026-27 की नई टीम में अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष समेत अन्य प्रमुख पदों के लिए पदाधिकारियों का चयन करेंगे। यानी कार्यकारिणी चुनाव के बाद अब संगठन के शीर्ष पदों को लेकर अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
सबसे अधिक मत पाने वालों में टीम मुकेश के प्रत्याशी
चुनाव परिणाम का एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि सर्वाधिक व्यक्तिगत मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों में टीम मुकेश के प्रत्याशी आगे रहे। मुकेश कुमार अग्रवाल को 1827 वोट मिले और वह व्यक्तिगत मतों के मामले में पहले स्थान पर रहे। वहीं डॉ.अभिषेक कुमार रामदीन को 1742 वोट प्राप्त हुए और उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया।
हालांकि व्यक्तिगत स्तर पर शानदार मत हासिल करने के बावजूद टीम मुकेश अपने अधिकांश समर्थित उम्मीदवारों को कार्यकारिणी में जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकी। दूसरी ओर टीम तुलसी पटेल के 13 उम्मीदवारों की जीत ने संगठन की नई कार्यकारिणी में उसके प्रभाव को मजबूत कर दिया है।
चुनाव परिणाम के बाद अब एफजेसीसीआई की नई कार्यकारिणी के भीतर अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों के चयन को लेकर गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। कारोबार और उद्योग जगत से जुड़े संगठन के अगले कार्यकाल में नई टीम की प्राथमिकताओं पर भी सभी की नजर रहेगी।