हिंदी दिवस पर एटीआई सभागार में व्याख्यान और काव्यपाठ, सरल भाषा को सुशासन की आधारशिला बताया

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रांची, झारखंड  :  कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर एटीआई सभागार में व्याख्यान एवं काव्यपाठ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी के महत्व, सरकारी कामकाज में सरल भाषा के प्रयोग और आम लोगों तक प्रशासनिक योजनाओं की पहुंच जैसे विषयों पर विचार रखे गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागीय सचिव प्रवीण टोप्पो ने कहा कि सुशासन की प्रभावी पहचान सरल हिंदी, सहज प्रक्रियाओं और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था से होती है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी कामकाज की भाषा आम नागरिक आसानी से समझ पाता है, तो सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ भी लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में ऐसी हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया, जो सहज और जनसामान्य के लिए आसानी से समझ में आने वाली हो। उनके अनुसार सरकारी व्यवस्था और आम जनता के बीच संवाद को सरल बनाने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित काव्यपाठ में कवियों ने सामाजिक सरोकार, राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन विषयों से जुड़ी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कविताओं के माध्यम से समाज और देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया।

कार्यक्रम में डीएसपीएमयू के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जिंदर सिंह मुंडा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. केदार सिंह, डॉ. वंदना टेटे, कवयित्री एवं लेखिका डॉ. सावित्री बड़ाइक तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. कुमारी उर्वशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में हिंदी के प्रति सम्मान और सरकारी कामकाज में इसके सहज एवं प्रभावी प्रयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।