रामगढ़, झारखंड : जिले में हाल के दिनों में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में हुई दुर्घटनाओं की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को पूर्व विधायक शंकर चौधरी के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर धरना दिया गया। धरना में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए। जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने इससे पहले जिला प्रशासन से औद्योगिक दुर्घटनाओं से संबंधित जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि 24 सितंबर तक रिपोर्ट की प्रति नहीं दी जाती है, तो 25 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के शामिल होने की भी घोषणा की गई थी।
सुबह से शुरू हुआ धरना
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे शंकर चौधरी अपने समर्थकों के साथ उपायुक्त कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर धरने पर बैठे। इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए।
शुरुआत में धरना इस तरह दिया गया कि कार्यालय में आने-जाने का रास्ता खुला रहे। बाद में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार को पूरी तरह घेर लिया। इसके कारण कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की।
तीन औद्योगिक इकाइयों की दुर्घटनाओं की जांच का मामला
धरना देने वाले नेताओं की ओर से जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में हुई दुर्घटनाओं की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। इससे पहले शंकर चौधरी ने श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट तथा अन्य औद्योगिक इकाइयों से संबंधित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग उठाई थी।
श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट के फर्नेस ब्लास्ट की जांच को लेकर यशवंत सिन्हा ने भी जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का विस्तृत उल्लेख नहीं होने की बात कही थी और संपूर्ण जांच रिपोर्ट की मांग की थी।
अधिकारियों ने रिपोर्ट की प्रति सौंपी
धरना स्थल पर दोपहर करीब तीन बजे जिला प्रशासन की ओर से अधिकारी रविंद्र गुप्ता पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे नेताओं को बताया कि जांच रिपोर्ट उसी दिन प्राप्त हुई है। इसके बाद उन्होंने जांच रिपोर्ट की प्रति धरना में शामिल नेताओं को सौंपी।
जांच रिपोर्ट की प्रति मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
धरना कार्यक्रम में प्रकाश मिश्रा, चरण केवट, कमलनाथ महतो, भगवान साव, धर्मवीर महतो, जमुना बेदिया, रमेश गोप, जलेश्वर तिवारी, राम किशुन मुंडा, महेश यादव, पारस महतो, रामेश्वर महतो, सुनील महतो, परमेश्वर महतो सहित अन्य लोग मौजूद रहे।