रामगढ़, झारखंड : स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत नगर परिषद, रामगढ़ द्वारा विभिन्न स्थलों पर स्वच्छता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मरार में स्वच्छता पाठशाला आयोजित कर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के प्रावधानों के अनुरूप चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण (Four-Way Segregation) की जानकारी दी गई।
स्वच्छता पाठशाला के दौरान विद्यार्थियों को कचरे का स्रोत पर ही उचित पृथक्करण, संग्रहण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्हें घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में नगर परिषद, रामगढ़ द्वारा शहर की प्रसिद्ध एवं प्राचीन धार्मिक धरोहर माया टुंगरी मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में नगर परिषद के कर्मियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। सामूहिक प्रयास से मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की गई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों का संचालन कार्यपालक पदाधिकारी अजमल हुसैन के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की अपील की।
नगर परिषद की ओर से कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को संदेश दिया गया कि स्वच्छ एवं सुंदर शहर के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। कचरे का उचित पृथक्करण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता तथा सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
नगर परिषद, रामगढ़ द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है।