रामगढ़ में ईंट भट्ठों में अवैध कोयले की खपत को लेकर तय हुई राशि : हर भट्ठा, हर माह 1.16 लाख की वसूली

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रामगढ़, झारखंड : रामगढ़ जिला में चलने वाले ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा अवैध कोयले से भट्ठा को चलाये जाने का इतिहास पुराना है। कई दशकों से अवैध कोयले से इन भट्ठों का संचालन भट्ठा मालिकों द्वारा विभिन्न विभागों के सहयोग से किया जा रहा है। हर वर्ष संचालन से पहले यह तय किया जाता है कि इस सीजन में एक ईंट भट्ठे को प्रतिमाह कितनी राशि देनी होगी।

इस वर्ष भी अवैध कोयले की खपत को लेकर बैठक हो चुकी है तथा प्रतिमाह कितनी राशि ईंट भट्ठा संचालकों को देनी होगी, यह तय हो चुका है। बाजार के हालात को देखते हुये इस वर्ष पिछले वर्ष की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

इस वर्ष भी जिले के उस मजबूत विभाग, जो मामला दर्ज कर सकता है, को प्रति ईंट भट्ठा संचालक द्वारा प्रतिमाह 1 लाख 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। विभाग तक पैसा वसूल कर पहुंचाने वाला भी प्रति ईंट भट्ठा 1 हजार रुपये लेगा। इस प्रकार प्रति ईंट भट्ठा कुल 1 लाख 16 हजार रुपये की वसूली की जाएगी।

हालांकि इस माह से शुरू होने वाले इस सिस्टम में केवल इस माह 1 लाख 27 हजार रुपये की वसूली की जाएगी। अगले माह से पुनः 1 लाख 16 हजार रुपये की वसूली होगी।

इसके अलावा मीडिया कर्मियों को भी प्रतिमाह उनके संस्थान के कद के हिसाब से राशि दी जाएगी। साथ ही रॉयल्टी में भी कम चक्र ईंट भट्ठा संचालन दिखा कर सरकार को हर वर्ष की भांति राजस्व का नुकसान पहुंचाया जाएगा।

रामगढ़ जिला में लगभग 125-130 ईंट भट्ठों का संचालन किया जाता है। दिखावे के लिए एकाध गाड़ी कोयला खरीद कर उसे जांच के समय पूरे सीजन भर दिखाया जाता है। बीच-बीच में सीजन के दौरान दिखावे के लिए जांच की कार्रवाई भी होती रहेगी। मिलने वाली राशि के हिसाब से विभाग व अन्य लोग अपनी आंखें बंद कर ईंट भट्ठा संचालकों को सहयोग प्रदान करेंगे।

आला अधिकारियों के नाम पर राशि तय नहीं की गयी है 

पिछले वर्ष, कई दशकों से अवैध कोयले से संचालित ईंट भट्ठों के सिस्टम में पहली बार वर्ष 2024-25 में जिले के आला अधिकारियों के नाम पर सलामी (एकमुश्त राशि) वसूली गई थी।
जिले के आला अधिकारी के लिए प्रति भट्ठा 50 हजार रुपये, अनुमंडल स्तर के आला पदाधिकारी के लिए प्रति भट्ठा 10 हजार रुपये तथा जिले के हर अंचल में अंचल स्तर के पदाधिकारी के लिए उस अंचल में स्थापित भट्ठों से प्रति भट्ठा 10 हजार रुपये की वसूली की गई थी।

लेकिन इस बार इस राशि को लेकर अभी कोई बात नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि इस बार जिले के आला अधिकारी की ओर से सिग्नल मिलने के बाद ही यह राशि वसूली जाएगी।