■ डायन कुप्रथा एवं बाल विवाह के रोकथाम के तहत उप विकास आयुक्त ने सभी को दिलाई शपथ।
रामगढ़: शनिवार को सिदो कान्हू मैदान रामगढ़ में सामाजिक कुरीति निवारण योजना, राज्य योजनाएं तथा बाल विवाह मुक्त झारखंड से संबंधित अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त रामगढ़ श्री आशीष अग्रवाल ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम सभी अतिथियों का स्वागत किया गया जिसके उपरांत उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा, सहायक निदेशक समाज कल्याण, स्थापना उप समाहर्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी गोला सहित अन्य ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ किया।
कार्यशाला के दौरान स्वागत भाषण देते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती इंदु प्रभा खलखों ने कहा कि आज का कार्यक्रम महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग समाज कल्याण झारखंड सरकार के द्वारा आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य अंतर्गत संचालित विभिन्न राज्य योजनाओं का प्रचार प्रसार कराया जाना है ताकि जमीनी स्तर पर जनमानस को योजनाओं से संबंधित जानकारियां, सुविधाए प्रदान करते हुए लक्षित योग्य लाभुकों को संबंधित योजनाओं के लाभ से आच्छादित किया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य है कि समाज में प्रचलित कुप्रथाओं यथा डायन प्रथा, बाल विवाह इत्यादि को जड़ से समाप्त किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान सभी को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि डायन कुप्रथा, बाल विवाह सहित अन्य कुप्रथाएं आज के दौर में बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। हमारा राज्य झारखंड कई मामलों में समृद्ध है लेकिन हमारे समक्ष कई चुनौतियां भी है। मौके पर उप विकास आयुक्त ने बाल विवाह एवं डायन कुप्रथा से किए व्यक्ति के साथ समाज को होने वाले नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी सभी को दी। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं सहित अन्य लोगों से सीधा संवाद करते हुए डायन कुप्रथा एवं बाल विवाह के तहत उनके विचार जाने। कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त के द्वारा उपस्थित सभी को डायन कुप्रथा एवं बाल विवाह के तहत जागरूकता शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी श्री अनुराग कुमार तिवारी ने कहा कि आज हम इस कार्यक्रम में जिन विषयों पर बात कर रहे हैं अगर उन पर समय रहते कार्य नहीं किया गया तो वे हमारे समाज को खोखला कर देंगी। इसके बचाव एवं रोकथाम के लिए यह बहुत जरूरी है कि कार्यशाला के दौरान जो भी बातें आपको बताई जा रही हैं उन्हें आप ध्यान पूर्वक सुने। स्वयं जागरूक हो एवं अपने क्षेत्र में अन्य लोगों को जागरुक करते हुए इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें। कार्यशाला के दौरान प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा श्री रविंद्र कुमार गुप्ता ने अपने कार्यकाल के व्यक्तिगत अनुभवों को सभी के साथ साझा किया एवं किसी घटना के दौरान किस प्रकार से जिला प्रशासन द्वारा कार्य किया जाता है इसे लेकर विस्तृत जानकारी सभी को दी। मौके पर उन्होंने सभी से बाल विवाह एवं कुप्रथाओं को रोकने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने की अपील की।
प्रशिक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती कुमारी नीलम, सहायक निदेशक समाज कल्याण विभाग श्रीमती कृष्णा टोप्पो सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा भी अपने-अपने विभाग द्वारा डायन कुप्रथा, बाल विवाह आदि को रोकने के तहत किए जा रहे कार्यों को लेकरसभी को विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला सह प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न लघु फिल्म के माध्यम से उपस्थित सभी को बाल विवाह, डायन कुप्रथा सहित अन्य कुप्रथाओं, सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।राज्य स्तरीय टीम से प्रज्ञा कुमारी, शालिनी बोरल एवं नागेंद्र प्रसाद द्वारा पीपीटी के माध्यम से विषयवस्तु की जानकारी साझा की गई।
कार्यशाला का संचालन सुश्री राजनंदनी द्वारा किया गया। वही कार्यक्रम में विभिन्न प्रखंडो के प्रमुख, मुखिया, वार्ड सदस्य, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पंचायत सचिव, एएनएम, सहिया, जेएसएलपीएस के स्वयं सहायता समूह के सदस्य, कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहायिकाएं जिला समाज कल्याण कर्मी राजीव रंजन, एवं अजय मुंडा उपस्थित ।