रामगढ़, झारखंड :पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर लोहार टोला स्थित सरकारी जमीन पर दबंग लोगों द्वारा कब्जे की कोशिश का गंभीर मुद्दा उठाया। श्री चौधरी ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त रामगढ़ को एक पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को काली मंदिर के सामने स्थित खाली मैदान पर कुछ लोगों ने जबरन घेराबंदी करने का प्रयास किया था। ग्रामीणों के विरोध और विवाद बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को कागजात के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया, साथ ही तब तक जमीन पर कोई गतिविधि नहीं करने का आदेश दिया गया।
पूर्व विधायक ने बताया कि इसके बावजूद 17 दिसंबर 2025 की रात करीब 11 बजे फिर से एक पक्ष ने हथियारबंद लोगों के साथ जमीन पर लेवलिंग का काम शुरू कर दिया, जिससे तनाव का माहौल बन गया और किसी बड़े घटना की आशंका पैदा हो गई।
उन्होंने बताया कि उपयुक्त को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा है कि यह जमीन पूर्व में शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए चिह्नित थी, जहां पंजाबी शरणार्थियों को बसाया गया था, जबकि आधी जमीन खुली पड़ी थी। इसी जमीन पर पिछले 70 वर्षों से रामगढ़ का ऐतिहासिक होलिका दहन समारोह आयोजित होता आ रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष शामिल होते हैं और पूजा-अर्चना व सामाजिक कार्यक्रम होते हैं।
पूर्व विधायक ने स्पष्ट कहा कि इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह न सिर्फ सरकारी जमीन का मामला है बल्कि धार्मिक और सामाजिक आस्था से भी जुड़ा है। उन्होंने उपायुक्त रामगढ़ से पत्र में मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कब्जे की कोशिशों को रोका जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।