रांची / झारखंड : देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के शीर्ष नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। कंपनी के बोर्ड ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए चेयरमैन (Chairman) पद को समाप्त कर दिया है और इसके स्थान पर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) आधारित नेतृत्व मॉडल लागू कर दिया है।
इस निर्णय के साथ बी. साईराम को कंपनी का पहला CEO नियुक्त किया गया है। वह पहले CMD (Chairman-cum-Managing Director) नियुक्त किए गए थे, अब उन्हें CEO का औपचारिक और अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इस संबंध में आवश्यक जानकारी कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंजों को भेज दी है।
क्या हुआ बदलाव
चेयरमैन पद हुआ समाप्त
अब कंपनी में CEO आधारित नेतृत्व व्यवस्था लागू
बी. साईराम बने कोल इंडिया के पहले CEO
निर्णय बोर्ड बैठक में लिया गया, तुरंत प्रभाव से लागू
बदलाव का उद्देश्य
कंपनी के अनुसार, यह कदम कॉरपोरेट गवर्नेंस को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। CEO अब कंपनी का शीर्ष कार्यकारी प्रमुख होगा, जो—
रणनीतिक निर्णय
उत्पादन लक्ष्य
संचालन
निवेश
ऊर्जा एवं विकास योजनाओं की सीधी निगरानी करेगा।
एकीकृत नेतृत्व से होंगे फायदे
रेगुलेटरी फाइलिंग में स्पष्ट किया गया है कि अब अलग से चेयरमैन का पद नहीं रहेगा और बोर्ड की अध्यक्षता और कार्यकारी अधिकारों को एकीकृत किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे—
निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी
जवाबदेही स्पष्ट होगी
संचालन बेहतर होगा
देश की ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका
कोल इंडिया पहले से ही देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करती है। ऐसे में CEO आधारित मॉडल अपनाने से—
संचालन
निवेश नीतियां
ऊर्जा परिवर्तन रणनीति
और मजबूत होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम कोल इंडिया को वैश्विक सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली के और करीब लाएगा।