रांची, झारखंड : झारखंड के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पताल रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) और निजी क्षेत्र के राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति देने पर सहमति बन गई है। दोनों संस्थानों को जल्द ही आधिकारिक लाइसेंस जारी किया जाएगा, जिसके बाद झारखंड में ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो सकेगी।
इस संबंध में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत गठित परामर्शदात्री समिति की बैठक 9 नवंबर को अपर मुख्य स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, विधि विशेषज्ञों और एनजीओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि रिम्स और राज हॉस्पिटल सभी आवश्यक मानकों पर खरे उतरते हैं, इसलिए उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस दिया जाए। इसके साथ ही राज्य के अन्य सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में लिवर, हार्ट और किडनी जैसे अंगों के प्रत्यारोपण की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने इस विषय पर 15 जनवरी को झारखंड के 10 मेडिकल कॉलेजों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में राज्य में सभी प्रमुख अंग प्रत्यारोपण सुविधाएं विकसित की जा सकें।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और विशेष उपचार पैकेज लागू करने पर भी काम किया जा रहा है।
निर्णय के अनुसार, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत जो मरीज आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में आते हैं, उनका इलाज झारखंड में ही सुनिश्चित किया जाएगा। केवल उन्हीं मरीजों को राज्य के बाहर इलाज की अनुमति दी जाएगी, जो इन योजनाओं के अंतर्गत नहीं आते हैं।