रामगढ़, झारखंड: भाजपा नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षक राजीव पामदत्त ने आम बजट 2026-27 को आत्मनिर्भर भारत और “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में देश को आगे बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को मुफ्त राशन, पांच लाख रुपये तक का आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला गैस योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, हर घर नल से जल जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से आम लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। अमेरिकी टैरिफ दबाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और विश्व मंच पर तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
राजीव पामदत्त ने कहा कि देश के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व है, जो “देश सर्वप्रथम” की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार घर का बजट महिला शक्ति संभालती है, उसी तरह लगातार नौ वर्षों से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि, महिला, युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, एमएसएमई और कर सुधारों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि इस बजट से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भारत अपनी घरेलू मांग को मजबूत करते हुए दुनिया के लिए एक ट्रस्टेड डेमोक्रेटिक पार्टनर के रूप में स्थापित हो रहा है। आगामी पांच राज्यों के चुनाव को देखते हुए जिस प्रकार चुनावी बजट की उम्मीद की जा रही थी, वह पूरी नहीं हुई, जिससे यह स्पष्ट है कि बजट पूरी तरह विकास केंद्रित है।
राजीव पामदत्त ने कहा कि इस बजट में देश की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। साथ ही महात्मा गांधी के सपनों के ग्रामीण भारत को सशक्त करने के लिए स्वरोजगार योजनाओं, मनरेगा के माध्यम से गांवों और श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि लड़कियों के लिए हर जिले में हॉस्टल, निमहांस से जुड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट, दिव्यांग कौशल और दिव्यांग सहारा योजना, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा, वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान, दुर्लभ खनिज कॉरिडोर तथा रांची–विशाखापत्तनम मार्ग निर्माण जैसी योजनाओं से झारखंड और विशेष रूप से रामगढ़ जिला, झारखंड को नई दिशा मिलेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट महात्मा गांधी के सपनों के भारत और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को आगे बढ़ाते हुए सबका विकास और सबका विश्वास को मजबूत करता है।