पटना, बिहार : बिहार की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिली जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सदस्यता ग्रहण कर औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखा। जदयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार अपने पिता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री ने उन्हें मिठाई खिलाकर नई राजनीतिक पारी के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार पटना स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे पटना हाईकोर्ट परिसर स्थित मजार पर भी गए और मत्था टेका। यह वही मजार है जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी समय-समय पर पहुंचते रहे हैं।
जदयू कार्यालय के बाहर निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया। पार्टी कार्यालय के बाहर बैंड-बाजे के साथ कार्यकर्ता जश्न मनाते नजर आए और नारेबाजी भी की गई।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने पिछले करीब 20 वर्षों में बिहार और देश के लिए जो कार्य किए हैं, उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता द्वारा राज्यसभा जाने का जो निर्णय लिया गया है, वह उनका व्यक्तिगत फैसला है और वह उसका सम्मान करते हैं।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मांग को देखते हुए निशांत कुमार ने पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए खुशी का क्षण है।
कार्यक्रम के दौरान कर्पूरी सभागार में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। सदस्यता कार्यक्रम के दौरान उमेश कुशवाहा ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की और बताया कि सदस्यता की औपचारिकता पूरी होने में थोड़ी देर लग सकती है।
सदस्यता कार्यक्रम के दौरान मंच पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और वरिष्ठ नेता संजय झा मौजूद थे, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच पर दिखाई नहीं दिए।
इस बीच जदयू कार्यालय के बाहर कुछ कार्यकर्ता निशांत कुमार को भविष्य में मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी करते नजर आए, जिससे बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।