रामगढ़, झारखंड: रजरप्पा मंदिर परिसर में श्रद्धालु के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के संज्ञान में आने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़, झारखंड के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने स्वयं रजरप्पा पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच की और तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
बताया गया कि यह मामला सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तेजी से चर्चा में आया। इसके बाद झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राकेश सिन्हा ने इस घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) झारखंड को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर श्रद्धालुओं के साथ हुई इस घटना पर चिंता जताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस महानिदेशक कार्यालय से कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद रामगढ़, झारखंड के एसपी अजय कुमार स्वयं रजरप्पा मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय दुकानदारों और मौजूद लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। जबकि इससे पूर्व एसडीपीओ रजरप्पा मंदरि क्षेत्र से एसपी के निर्देश पर जांच कर लौट चुके थे।
जांच के बाद एसपी अजय कुमार ने झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP) के चार जवान—श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन—के साथ होमगार्ड के जवान सिकंदर यादव को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इस पूरे मामले को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शांतनु मिश्रा ने झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के संज्ञान में लाया था, जिसके बाद बोर्ड ने इस पर पहल करते हुए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा।