रामगढ़ सिविल कोर्ट की नेशनल लोक अदालत में 214 भूमि अधिग्रहण मामलों का निपटारा, 550 पक्षकारों को मिली राहत

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रामगढ़, झारखंड :  रामगढ़ सिविल कोर्ट में 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान न्यायिक कार्यों के प्रभावी संचालन के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की गई। विशेष न्यायाधीश (भू अर्जन) सह सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वितीय सह न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुश्री संजीविता गुंई की अदालत में भैरवी जलाशय परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण के 214 लंबित सिविल वादों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

लंबे समय से लंबित इन मामलों के समाधान से करीब 550 पक्षकारों को बड़ी राहत मिली है। इन मामलों के निपटारे को त्वरित और प्रभावी न्याय प्रदान करने की दिशा में न्यायालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

बताया गया कि ये सिविल वाद काफी समय से न्यायालय में लंबित थे, जिसके कारण संबंधित पक्षों को न्याय मिलने में विलंब हो रहा था। न्यायालय ने सुनवाई की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सक्रिय रूप से संचालित करते हुए सभी मामलों का समाधान किया। इससे न केवल विवादों का अंत हुआ, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द और विश्वास की भावना को भी बढ़ावा मिला।

इन मामलों के निपटारे से न्यायालय में लंबित वादों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है। अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भी न्यायालय की इस पहल की सराहना की है।

यह उपलब्धि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन और प्रेरणा से संभव हो सकी है। उनके नेतृत्व में न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मामलों के सफल निपटारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार तथा जज इन-चार्ज हर्षित तिवारी के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। न्यायपालिका की यह पहल आम नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।