नई दिल्ली/ कोलकाता : Coal India Limited ने अपने कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) योजना में अहम बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब योग्य कर्मचारियों को घर बनाने या खरीदने के लिए अधिकतम 30 लाख रुपये तक का एडवांस मिल सकेगा, हालांकि इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं।
कम से कम 5 साल की सेवा जरूरी
कंपनी के अनुसार इस योजना का लाभ वही नियमित कर्मचारी उठा सकेंगे, जिन्होंने कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। इस अवधि में प्रोबेशन का समय शामिल नहीं होगा। वहीं, अगर पति-पत्नी दोनों कंपनी में कार्यरत हैं, तो यह सुविधा केवल किसी एक को ही दी जाएगी।
वेतन के आधार पर तय होगी राशि
कर्मचारियों को उनके 75 महीने के वेतन (बेसिक + डीए) या अधिकतम 30 लाख रुपये—जो भी कम हो—तक का एडवांस दिया जाएगा। साथ ही जिस मकान के लिए लोन लिया जा रहा है, उसका न्यूनतम क्षेत्रफल 22 वर्ग मीटर होना जरूरी होगा।
55 साल से अधिक उम्र वालों को नहीं मिलेगा लाभ
नई गाइडलाइन के अनुसार जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष (60 महीने) से कम समय बचा है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। यानी 55 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा। हालांकि, अन्य सरकारी या पीएसयू से आए कर्मचारियों की पूर्व सेवा को इस अवधि में जोड़ा जाएगा।
किन कामों के लिए मिल सकता है एडवांस
यह सुविधा नए मकान के निर्माण, प्लॉट खरीदने, तैयार घर लेने या मौजूदा घर के विस्तार के लिए उपलब्ध है। घर के विस्तार के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक का एडवांस दिया जाएगा, बशर्ते कर्मचारी की कम से कम तीन वर्ष की सेवा शेष हो।
एक बार ही मिलेगा लाभ
नियमों के तहत कोई भी कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल में केवल एक बार ही इस एडवांस का लाभ उठा सकता है। साथ ही, यह लोन किसी आश्रित रिश्तेदार से जमीन या मकान खरीदने के लिए मान्य नहीं होगा।
इस बदलाव से कंपनी के कर्मचारियों को आवास संबंधी जरूरतों में सहायता मिलने की उम्मीद है, हालांकि पात्रता शर्तों को लेकर स्पष्ट नियम भी तय कर दिए गए हैं।