रामगढ़ (झारखंड) : झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के विकास, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चल रहे मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कहा है कि आगामी बरसात से पहले भैरवी नदी के खतरनाक हिस्सों में हर हाल में बैरिकेडिंग पूरी की जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष सचिव, पर्यटन सचिव व रामगढ़ के उपायुक्त उपस्थित व अन्य अधिकारियों ने स्थिति की जानकारी दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नदी किनारे सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर
अदालत ने निर्देश दिया कि नदी के उन स्थानों को चिन्हित कर मजबूत घेराबंदी की जाए, जहां हादसों की आशंका अधिक रहती है। हर साल यहां आने वाले श्रद्धालुओं के साथ दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसे देखते हुए यह कदम अनिवार्य बताया गया। प्रशासन ने बताया कि इस कार्य के लिए लगभग 50 लाख रुपये की योजना तैयार कर ली गई है और जल्द काम शुरू होगा।
विस्थापित दुकानदारों के लिए स्थायी समाधान
मंदिर परिसर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर भी अदालत ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सभी प्रभावित लोगों को स्थायी दुकानें उपलब्ध कराई जाएं और नियमानुसार किराया तय किया जाए, जिससे उन्हें आजीविका की स्थिरता मिल सके।
254 दुकानदारों के पुनर्वास की तैयारी
रामगढ़ उपयुक्त की ओर से जानकारी दी गई कि कुल 254 दुकानदारों के लिए पुनर्वास योजना तैयार है। इसके लिए मंदिर के पास ही स्थान चिन्हित किया गया है और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।
स्वास्थ्य सुविधा पर भी जोर
अदालत ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड को अपने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व फंड के तहत मंदिर क्षेत्र में एक अस्पताल स्थापित करने की संभावना पर विचार करने का सुझाव दिया है, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित इलाज मिल सके।
आधारभूत सुविधाओं के विकास का निर्देश
हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए कई बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा है। इसमें सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाट, वस्त्र बदलने के कक्ष, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही अतिक्रमण हटाने और नदी क्षेत्र के सुधार कार्यों को भी प्राथमिकता देने को कहा गया है।
परियोजना रिपोर्ट तैयार, एजेंसी को जिम्मेदारी
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह कार्य विशेषज्ञ एजेंसी चड्ढा एंड एसोसिएट को सौंपा गया है, जो समग्र योजना पर काम कर रही है।
अगली सुनवाई 11 मई को
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की है। साथ ही रामगढ़ के उपायुक्त को अगली तारीख पर कार्यों की प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आदेशों का पालन समय पर हो।