झारखंड हाईकोर्ट ने हज़ारीबाग़ वन भूमि घोटाला मामले में आइएएस विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज की

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रांची (झारखंड) : हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी आईएएस अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत नहीं मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

जस्टिस ए.आर. चौधरी की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। इससे पहले कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

क्या है मामला

हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में एसीबी ने विनय चौबे के खिलाफ कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। आरोप है कि हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) पद पर रहते हुए उन्होंने वन विभाग की जमीन के पांच प्लॉटों की अवैध जमाबंदी कराई।

बताया गया है कि संबंधित जमीन गैरमजरूआ खास जंगल झाड़ी के रूप में दर्ज थी। वन संरक्षण अधिनियम के तहत ऐसी भूमि का उपयोग बिना केंद्र सरकार की अनुमति के गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता।

जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारियों और खरीदार विनय सिंह के साथ मिलकर कथित रूप से आपराधिक साजिश रची गई और नियमों के विरुद्ध जमीन का मालिकाना हक बदला गया।

2013 में हुआ था खुलासा

मामले का खुलासा वर्ष 2013 में हुआ था, जिसके बाद सभी अवैध जमाबंदियों को रद्द कर दिया गया था। इस कार्रवाई को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सही ठहराया था।

प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने 25 सितंबर 2025 को सरकार से अनुमति लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी।