हेसला पंचायत की तीन सूत्री मांगों पर प्रशासन से बनी सहमति, अनिश्चितकालीन धरना देर शाम समाप्त

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रामगढ़ (झारखंड) : झारखंड के रामगढ़ जिला मुख्यालय में पतरातू प्रखंड के हेसला पंचायत के ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार देर शाम प्रशासन के साथ हुई वार्ता और लिखित सहमति के बाद समाप्त हो गया। विस्थापित परिवारों के आजीविका, पुनर्वास और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ जिला समाहरणालय पहुंचे थे।

धरना से पहले ग्रामीणों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के साथ जुलूस निकाला और इसके बाद भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समीप स्थित धरना स्थल पर बैठ गए। आंदोलन का नेतृत्व शांतनु मिश्रा ने किया।

समझौता पत्र में बनी तीन महत्वपूर्ण सहमतियां

जिला प्रशासन और हेसला पंचायत के ग्रामीणों के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद लिखित रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी—

हेसला पंचायत से संबंधित भूमि अधिग्रहण के सभी दस्तावेज ग्राम सभा में प्रस्तुत किए जाएंगे।
ग्राम सभा में भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारी पतरातू की होगी।
जब तक भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज ग्राम सभा में सार्वजनिक कर ग्रामीणों की आपत्तियों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

इन बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।

महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी

धरना में हेसला पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ आंदोलन में पहुंचीं। ग्रामीणों का कहना था कि बिना भूमि अधिग्रहण के दस्तावेज दिखाए और पुनर्वास किए किसी को उजाड़ना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।

इन नेताओं ने किया संबोधित

धरना को झारखंड सरकार के हिंदू न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष शांतनु मिश्रा, कांग्रेस के प्रदेश सचिव रियाज अंसारी, मुन्ना पासवान, मुकेश यादव, शहजाद खान, राजकुमार यादव, तारिक अनवर, प्रदीप महतो तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।

समझौता पत्र पर इन लोगों ने किए हस्ताक्षर

समझौता पत्र पर हेसला पंचायत की मुखिया प्रीति उरांव, पंचायत समिति सदस्य पुष्पा कुमारी, संजू देवी, प्रदीप महतो तथा शांतनु मिश्रा ने हस्ताक्षर किए। प्रशासन की ओर से अंचलाधिकारी पतरातू ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर सहमति की पुष्टि की।

दस्तावेज दिखाने और पुनर्वास के बाद ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी दस्तावेज ग्राम सभा में प्रस्तुत किए जाने और ग्रामीणों की आपत्तियों का समाधान होने के बाद ही किसी प्रकार की आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।