रामगढ़ (झारखंड) : स्थानीय फुटबॉल मैदान में शनिवार को रामगढ़ जिले के खेल प्रेमियों एवं खिलाड़ियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें रामगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यकलापों और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।
बैठक में उपस्थित खेल प्रेमियों ने आरोप लगाया कि रामगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जैन द्वारा 4 जनवरी 2026 को रामगढ़ फुटबॉल मैदान में की गई घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। उन्होंने उस समय नए सदस्यों को शामिल करने, पुराने सदस्यों की पुनर्बहाली करने तथा जल्द एजीएम आयोजित करने की बात कही थी, जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में संगठन में सुधार की उम्मीद जगी थी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रामगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के गठन को लगभग 17 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इस दौरान लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया। आरोप लगाया गया कि संगठन के अधिकांश फैसले बंद कमरे में लिए जाते रहे हैं।
खेल प्रेमियों ने कहा कि जेएससीए एवं स्थानीय प्रायोजकों द्वारा विभिन्न टूर्नामेंटों के लिए फंड उपलब्ध कराया जाता रहा है और डोनेशन के रूप में भी लाखों रुपये प्राप्त हुए, लेकिन उन पैसों के उपयोग में पारदर्शिता नहीं बरती गई। बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि संगठन के बैंक खाते से सेल्फ विड्रॉल के माध्यम से राशि निकाली जाती रही और संबंधित सबूत समय-समय पर वरिष्ठ सदस्यों को उपलब्ध कराए गए थे।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने की बात कही गई थी, लेकिन चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच यह धारणा बन रही है कि वित्तीय अनियमितताओं में पदाधिकारियों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका हो सकती है।
वक्ताओं ने कहा कि क्रिकेट और खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी की जा रही है तथा संगठन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
बैठक में सुमित दास, कानू राजेश मंडल, पवन कुमार, राहुल मजूमदार, राजेंद्र कुमार, दीपक सिंह, संतोष लाला, मनोज सिंह, जितेंद्र कुमार, राजीव कुमार, रविंद्र कुमार, मृत्युंजय केशरी सहित रामगढ़ के कई खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।