रामगढ़ (झारखंड) :शांतिधारा फ़ाउन्डेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरेश पी अग्रवाल ने केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी तथा विकास गुप्ता को अलग-अलग ईमेल भेजकर केंद्रीय विद्यालय भुरकुंडा को पुनः भुरकुंडा में स्थानांतरित करने की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2009 में भवन की जर्जर स्थिति के कारण केंद्रीय विद्यालय भुरकुंडा को बंद कर दिया गया था। अभिभावकों के विरोध के बाद विद्यालय को भुरकुंडा से लगभग 13 किलोमीटर दूर घुटवा में संचालित किया जाने लगा, जहां वर्तमान में विद्यालय कार्यरत है।
पत्र में कहा गया है कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन लगभग 26 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उनका करीब दो घंटे का समय नष्ट होता है। इसके अलावा बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
सुरेश पी अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय को पुनः भुरकुंडा में स्थानांतरित करने के लिए रामगढ़ जिला प्रशासन द्वारा सीसीएल अधिकारियों से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है। इसी संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्रालय एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन से आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की अपील की है।
उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यार्थियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक पहल की जाएगी, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवागमन की सुविधा मिल सके।