हजारीबाग (झारखंड) : हजारीबाग (झारखंड) के कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित कूद मोहल्ले में मंगलवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। बंद सेप्टिक टैंक में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
मृतकों की पहचान 44 वर्षीय मदन साव, 26 वर्षीय रवि साव और 50 वर्षीय चमेली देवी के रूप में हुई है। वहीं आनंद साव का इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
महुआ रखने के लिए इस्तेमाल हो रहा था टैंक
जानकारी के अनुसार, परिवार अर्धनिर्मित मकान के सेप्टिक टैंक का उपयोग महुआ को गलाने और उससे शराब तैयार करने के लिए कर रहा था। टैंक के भीतर कई प्लास्टिक बाल्टियों में महुआ रखा गया था। मंगलवार रात आनंद साव टैंक के अंदर रखी एक बाल्टी निकालने के लिए नीचे उतरे, लेकिन अंदर बनी जहरीली गैस की वजह से बेहोश हो गए।
काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उनकी पत्नी चमेली देवी उन्हें देखने नीचे गईं, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आकर गिर पड़ीं। इसके बाद बेटे रवि साव ने माता-पिता को बचाने की कोशिश की, मगर वह भी टैंक के अंदर बेहोश हो गया। बाद में मदन साव रस्सी के सहारे सभी को बाहर निकालने उतरे, लेकिन वह भी जहरीली गैस का शिकार हो गए।
स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया। टैंक के आसपास की दीवार तोड़ने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद ली गई। गैस का असर कम करने के लिए पंखे और ऑक्सीजन सिलेंडर का भी उपयोग किया गया।
काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। आनंद साव की सांस चल रही थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया।
पहले भी हुई थी पुलिस कार्रवाई
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ दिन पहले इलाके में अवैध महुआ शराब निर्माण को लेकर पुलिस ने छापेमारी की थी। इसके बाद परिवार ने कथित तौर पर पुलिस की नजर से बचने के लिए सेप्टिक टैंक में महुआ रखने का तरीका अपनाया था। माना जा रहा है कि बंद टैंक में गैस बनने से यह हादसा हुआ।
पुलिस जांच में जुटी
कटकमदाग थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में दम घुटने और जहरीली गैस को मौत का कारण माना जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंद टैंकों और सेफ्टी चैंबर में बिना सुरक्षा उपकरण प्रवेश को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।