रांची (झारखंड) :झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा की केंद्रीय समिति के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक रविवार को रांची के कांके स्थित हीरानाथ साहु के आवासीय कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में आगामी 1 जुलाई को रांची के आलोका सभागार में आयोजित होने वाली डॉ. वी.पी. केशरी जयंती सह विचार-गोष्ठी की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने की, जबकि संचालन केंद्रीय महासचिव आदित्य नारायण प्रसाद ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलन को बौद्धिक दिशा देने और उसे मुकाम तक पहुंचाने में डॉ. वी.पी. केशरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन अलग राज्य गठन के बाद उनके योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल सका। इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उनके विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 जुलाई को आयोजित जयंती एवं विचार-गोष्ठी के माध्यम से डॉ. केशरी के योगदान को याद किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद उनके सम्मान और विचारों के संरक्षण को लेकर सरकार को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। साथ ही कार्यक्रम में वैश्य समाज के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और झारखंड आंदोलनकारियों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि इस अवसर पर दस बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों एवं झारखंड आंदोलनकारियों को ‘डॉ. वीपी केशरी वैश्य सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती रेखा मंडल (धनबाद), हीरानाथ साहु (कांके), केंद्रीय महासचिव आदित्य नारायण प्रसाद (बलकुदरा), चतुर साहु (ओरमांझी), मदन प्रजापति (मांडर), संगठन महासचिव अनिल वैश्य (पंडरा), कृष्णा साहु (कांके), मुख्य प्रवक्ता रोहित कुमार साहु, केंद्रीय सचिव राजेंद्र साहु, केंद्रीय सदस्य डॉ. अरविंद कुमार, युवा मोर्चा अध्यक्ष हलधर साहु, बाचल गुप्ता तथा शिव प्रसाद गुप्ता सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं प्रधान महासचिव बीरेन्द्र कुमार (गोला), उप प्रधान महासचिव अशोक कुमार गुप्ता (ओरमांझी) एवं जगदीश साहु (लोहरदगा) वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।