सीसीएल तोपा परियोजना से पांच दिनों से ठप कोयला डिस्पैच, कारोबारियों और मजदूरों की बढ़ी परेशानी

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कुजू (रामगढ़), झारखंड : सीसीएल की तोपा परियोजना से कोयले का डिस्पैच पिछले पांच दिनों से पूरी तरह प्रभावित है। इससे लोकल सेल के माध्यम से कोयला उठाने वाले कारोबारियों के साथ-साथ दैनिक मजदूरी पर निर्भर श्रमिकों के सामने भी आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कोयला उठाव बंद रहने से कारोबारियों की पूंजी फंस गई है, जबकि मजदूरों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।

सड़क हादसे के बाद बढ़ी जांच, प्रभावित हुआ डिस्पैच

जानकारी के अनुसार बारलौंग बुध बाजार के समीप हाल ही में कोयला लदे ट्रक और एक सवारी वाहन के बीच हुई भीषण दुर्घटना के बाद प्रशासन ने कोयला परिवहन व्यवस्था की सख्ती से जांच शुरू कर दी। हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद परिवहन एवं खनन विभाग की ओर से वाहनों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

कई ट्रकों का उठाव रुका

बताया जा रहा है कि जांच प्रक्रिया के चलते कोयला लदे करीब 27 ट्रकों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके कारण लोकल सेल से कोयला उठाव पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालांकि हाईवा के माध्यम से घाटो और पतरातू की ओर सीमित स्तर पर कोयला परिवहन की अनुमति मिलने की बात कही जा रही है।

कारोबारियों में असमंजस की स्थिति

कोयला कारोबारियों का कहना है कि लोकल सेल के ट्रकों से कोयला उठाव रोकने संबंधी कोई स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद डिस्पैच बंद होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जांच पूरी होने के बाद होगा निर्णय

मामले पर तोपा परियोजना प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई। वहीं डिस्पैच ऑफिसर नीलेश कुमार ने बताया कि संबंधित विभागों द्वारा जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।