रामगढ़ (झारखंड) : प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रामगढ़ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को इलाजरत टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष पहल की। अभियान के अंतर्गत मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस दौरान उपायुक्त ऋतुराज सहित जिले के कई वरीय अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों ने “निःक्षय मित्र” बनकर मरीजों के पोषण एवं उपचार में सहयोग का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, प्रभारी पदाधिकारी (गोपनीय शाखा), दुलमी के प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला भूमि अधिग्रहण पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी निःक्षय मित्र के रूप में अपनी भागीदारी निभाई।
इसके अलावा डॉ. उदय श्रीवास्तव, डॉ. पल्लवी कौशल, डॉ. कुणाल कुमार जायसवाल, डॉ. दिनेश कुमार (प्राइम हॉस्पिटल, रामगढ़), कैंटीन संचालक उपेंद्र कुमार, संजय प्रसाद एवं वेदान्त (एसी कार्यालय, रामगढ़) ने स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए निःक्षय मित्र बैंक खाते में राशि जमा कर टीबी मरीजों की सहायता में योगदान दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण केवल दवाइयों से संभव नहीं है। इसके लिए मरीजों को पौष्टिक आहार, सामाजिक सहयोग और जनभागीदारी की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, उद्योगों, स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में निःक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि निःक्षय मित्र योजना के माध्यम से कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन इलाजरत मरीजों को नियमित रूप से पोषण सामग्री अथवा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सामूहिक प्रयासों से ही टीबी मुक्त रामगढ़ और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने बताया कि निःक्षय मित्र योजना के तहत प्राप्त सहयोग राशि का उपयोग इलाजरत टीबी मरीजों को प्रत्येक माह पोषण पोटली उपलब्ध कराने में किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से इस जनभागीदारी अभियान से जुड़कर टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की अपील की गई।