रामगढ़, झारखंड : रामगढ़ स्थित मेसर्स श्री राम पावर एवं स्टील फैक्ट्री में हुए फर्नेस ब्लास्ट की जांच में औद्योगिक एवं अग्नि-सुरक्षा मानकों की गंभीर कमियां सामने आई हैं। जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। साथ ही सक्षम प्राधिकार के माध्यम से फैक्ट्री का उत्पादन एवं संचालन बंद कर दिया गया है।
जांच में अग्नि-सुरक्षा व्यवस्था में मिली गंभीर खामियां
अनुमंडल पदाधिकारी, रामगढ़ से प्राप्त पत्र के आधार पर जांच समिति ने अपना विस्तृत प्रतिवेदन जिला प्रशासन को सौंपा। रिपोर्ट में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा औद्योगिक एवं अग्नि-सुरक्षा मानकों की अनदेखी तथा लापरवाही की बात सामने आई है।
जांच के दौरान ब्लास्ट फर्नेस स्थल पर अग्नि-सुरक्षा एवं आपातकालीन उपकरणों की कमी पाई गई। 03 DCP और 02 CO₂ अग्निशमन यंत्र खराब मिले। इसके अलावा विद्युत पैनल बोर्ड के पास भी कोई अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं था। जांच समिति ने फैक्ट्री में निर्धारित अग्नि-सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के अभाव को भी रेखांकित किया।
प्रबंधन के खिलाफ चार्जशीट, उत्पादन-संचालन बंद
जांच रिपोर्ट के आलोक में उपायुक्त, रामगढ़ ने कारखाना निरीक्षक को आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके तहत फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष चार्जशीट दाखिल की गई है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, प्रचलित औद्योगिक एवं सुरक्षा अधिनियम/नियमों के तहत सक्षम प्राधिकार के माध्यम से फैक्ट्री का उत्पादन एवं संचालन बंद कर दिया गया है।
सभी औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच
जिला प्रशासन ने श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षा के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कारखाना निरीक्षक, श्रम अधीक्षक एवं अग्निशमन पदाधिकारी को अगले एक माह के भीतर जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कारखाना संचालन से संबंधित सभी सुरक्षा एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच कर, नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।