बालू बना अवैध खनन के खिलाफ अभियान की सबसे बड़ी चुनौती, अप्रैल-जून में 26 हजार टन से अधिक बालू-पत्थर जब्त
रांची, झारखंड : झारखंड में अवैध खनन और खनिजों की गैरकानूनी ढुलाई पर शिकंजा कसने के बावजूद बालू का कारोबार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। खनन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती तीन महीनों में ही राज्य में 17,296.28 टन बालू जब्त की गई। इस दौरान पत्थर की जब्ती भी 8,992.26 टन रही। यानी अप्रैल से जून 2026 के बीच बालू और पत्थर मिलाकर 26,288.54 टन खनिज अवैध गतिविधियों में पकड़े गए।
यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के पूरे 12 महीनों में जितनी बालू जब्त हुई थी, उसका करीब 13 फीसदी हिस्सा महज तीन महीने में पकड़ लिया गया।
पूरे साल में 1.32 लाख टन बालू हुई थी जब्त
खनन विभाग की वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच राज्य में कार्रवाई के दौरान 1,32,551.43 टन बालू जब्त की गई थी। वहीं पत्थर की जब्ती 82,320.67 टन रही। दोनों को मिलाने पर एक साल में 2,14,872.10 टन खनिज अवैध खनन या परिवहन के मामलों में पकड़ा गया।
इसके मुकाबले अप्रैल-जून 2026 में ही 26 हजार टन से अधिक बालू-पत्थर जब्त होना बताता है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हुई है।
तीन महीने में पिछले साल की बालू जब्ती का 13 फीसदी
अप्रैल से जून 2026 तक जब्त हुई 17,296.28 टन बालू, वित्तीय वर्ष 2025-26 की कुल बालू जब्ती का लगभग 13.05 फीसदी है। पत्थर के मामले में यह अनुपात 10.92 फीसदी रहा।
बालू और पत्थर को संयुक्त रूप से देखें तो तीन महीने में जब्त 26,288.54 टन खनिज पिछले पूरे वित्तीय वर्ष में पकड़ी गई कुल मात्रा का करीब 12.23 फीसदी है।
बालू के मामलों में वाहन और एफआईआर भी ज्यादा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बालू से संबंधित मामलों में 3,506 निरीक्षण किए गए। कार्रवाई के दौरान 3,347 वाहन जब्त किए गए और 834 प्राथमिकी दर्ज हुईं। इन मामलों में 5.17 करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया।
पत्थर के अवैध कारोबार के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। इस दौरान 2,576 निरीक्षण, 1,300 वाहन जब्ती और 248 प्राथमिकी दर्ज की गईं। पत्थर से जुड़े मामलों में करीब 7.34 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया।
अप्रैल-जून 2026 के दौरान बालू और पत्थर के मामलों को मिलाकर 960 से अधिक वाहनों की जब्ती और 173 प्राथमिकी दर्ज होने की बात रिपोर्ट में सामने आती है। इस अवधि में करीब 4.29 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया।
गुमला से जमशेदपुर तक बदला बालू जब्ती का आंकड़ा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बालू जब्ती के मामले में गुमला सबसे आगे रहा। यहां 24,115 टन बालू पकड़ी गई। इसके बाद खूंटी में 20,465 टन, जमशेदपुर में 14,637.60 टन और रांची में करीब 6,910 टन बालू जब्त की गई।
हालांकि नए वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में तस्वीर बदलती नजर आई। अप्रैल-जून 2026 के दौरान जमशेदपुर में 9,200.44 टन, चाईबासा में 4,206 टन और पलामू में 1,566.26 टन बालू जब्त की गई। इस अवधि में जमशेदपुर बालू जब्ती के मामले में सबसे आगे रहा।
पत्थर की जब्ती में लातेहार सबसे आगे
पत्थर के अवैध खनन और परिवहन के मामलों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लातेहार का आंकड़ा सबसे अधिक रहा। जिले में 30,171.83 टन पत्थर जब्त किया गया। वहीं पलामू में 4,037.69 टन पत्थर पकड़ा गया।
अप्रैल-जून 2026 में पूरे राज्य में 8,992.26 टन पत्थर जब्त किया गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की कुल जब्ती का करीब 11 फीसदी है।
तीन महीने में ही हजार से ज्यादा वाहन कार्रवाई की जद में
अप्रैल-जून 2026 के दौरान बालू और पत्थर से जुड़े मामलों में 1,061 वाहन जब्त किए जाने का आंकड़ा सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बालू और पत्थर के मामलों में कुल 4,647 वाहन जब्त किए गए थे।
यानी चालू वित्तीय वर्ष के सिर्फ तीन महीनों में ही पिछले पूरे साल की वाहन जब्ती का करीब 23 फीसदी हिस्सा कार्रवाई की जद में आ चुका है।
रोक के बावजूद अवैध बालू कारोबार पर सवाल
झारखंड में बालू खनन पर 10 जून से 15 अक्टूबर तक रोक रहती है। इसके बावजूद अप्रैल-जून के आंकड़ों में बड़ी मात्रा में बालू पकड़ा जाना कई सवाल खड़े करता है। खासकर यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि बारिश और खनन पर रोक की अवधि से पहले ही अवैध बालू कारोबार के खिलाफ बड़ी मात्रा में कार्रवाई दर्ज हुई।
आंकड़ों से साफ है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान में बालू लगातार सबसे संवेदनशील खनिज बना हुआ है। पिछले पूरे साल भी बालू की जब्ती पत्थर की तुलना में करीब 50 हजार टन अधिक रही थी।
नए नियम में भारी जुर्माने का प्रावधान
अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए खान विभाग ने अप्रैल 2026 में झारखंड मिनरल (प्रिवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) अमेंडमेंट रूल्स, 2026 लागू किया। नए प्रावधानों के तहत अवैध खनिज ढुलाई में पकड़े जाने वाले वाहनों पर 50 हजार से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
बालू से लदे डंपर के पकड़े जाने की स्थिति में नियमों के तहत तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।