फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जांच के नाम पर खानापूर्ति का लगाया आरोप, कहा- समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन
रामगढ़, झारखंड :जिले की औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रहे हादसों और श्रमिकों की मौत को लेकर रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने गुरुवार 27 अगस्त 2026 को अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकार सम्मेलन का आयोजन कर जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण हादसों का सिलसिला जारी है और जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि बड़ी फैक्ट्रियों में फर्नेस ब्लास्ट समेत अन्य औद्योगिक दुर्घटनाओं में श्रमिकों की जान जाने के बावजूद प्रशासन की कार्यप्रणाली में अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है। उन्होंने मांग की कि औद्योगिक हादसों के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो और लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन ?
शंकर चौधरी ने जिला प्रशासन से सवाल किया कि औद्योगिक इकाइयों की जांच किसी बड़े हादसे के बाद ही क्यों शुरू होती है। उन्होंने कहा कि यदि फैक्ट्रियों में नियमित निरीक्षण होता रहे और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, तो कई दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की कई बड़ी औद्योगिक इकाइयां निर्धारित सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। उनके मुताबिक स्पंज आयरन, स्टील और फर्नेस से जुड़ी इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।
सुरक्षा मानकों को लेकर उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने फैक्ट्रियों में श्रमिकों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और औद्योगिक सुरक्षा नियमों के अनुपालन पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि कई इकाइयों में सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी की जा रही है और संबंधित विभागों की नियमित निगरानी प्रभावी तरीके से नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य अनिवार्य प्रबंधों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। किसी भी कमी की स्थिति में संबंधित प्रबंधन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले खतरे को टाला जा सके।
अवैध वसूली का भी लगाया आरोप
शंकर चौधरी ने जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यालयों में कथित अवैध वसूली का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि यदि औद्योगिक इकाइयों से जुड़े विभागों के अधिकारी नियमित रूप से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मृत श्रमिकों के परिवारों की देखभाल की मांग
पूर्व विधायक ने औद्योगिक हादसों में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद केवल मुआवजा देकर प्रशासन की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होनी चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता और उनके अधिकारों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से औद्योगिक इकाइयों की व्यापक जांच कराने, सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने श्री राम फैक्ट्री के मामले में गलत जानकारी दी है
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा कि प्रशासन दिखावे की कार्रवाई कर वाह वाही लूटता है। अभी एक दिन पूर्व ही जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि दोषी पाये जाने पर कुजू के श्रीराम स्टील फैक्ट्री पर चार्जशीट दाखिल करते हुये उत्पादन व संचालन बंद करा दिया गया है। लेकिन वर्तमान में कोई भी जाकर देख सकता है कि कुजू के श्रीराम फैक्ट्री का संचालन हो रहा है तथा उत्पादन चालू है। केवल जिस भट्ठी में ब्लास्ट हुआ था केवल वही बंद है। इस मामले में जिला प्रशासन ने लोगों को गलत जानकारी दी है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
शंकर चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते औद्योगिक इकाइयों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तथा हादसों में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों की उचित देखभाल नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे मामले को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। पूर्व विधायक ने प्रशासन से मांग की कि औद्योगिक सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।