रामगढ़, झारखंड : भूमि अधिग्रहण मुआवजा से जुड़े दो मामलों में बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर रामगढ़ के सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-II सह विशेष न्यायाधीश (एल.ए.) श्री शिवेन्दु द्विवेदी की अदालत ने उपायुक्त, रामगढ़ से संबंधित चल संपत्तियों और सरकारी वाहन की कुर्की का आदेश जारी किया है। दोनों मामलों में संबंधित भूमि का अधिग्रहण रक्षा मंत्रालय के अधीन रामगढ़ कैंट के विस्तार के लिए किया गया था।
पहला मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 33/1990, संबंधित लैंड एक्विजिशन केस संख्या 01/1983-84 तथा लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन केस संख्या 01/2023से जुड़ा है। अदालत के अनुसार वर्ष 2008 में पारित अवार्ड के तहत अवार्डधारकों/याचिकाकर्ताओं को मूल मुआवजा राशि के साथ 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाना था। न्यायालय ने पाया कि अब तक कुल 1,02,95,279.51 रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
दूसरा मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 34/1990, संबंधित लैंड एक्विजिशन केस संख्या 16/1987-88 तथा लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन केस संख्या 02/2023 से संबंधित है। इस मामले में भी वर्ष 2008 में पारित अवार्ड के तहत मूल मुआवजा एवं 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाना था। अदालत के अनुसार अवार्डधारकों/याचिकाकर्ताओं को अब तक 3,72,42,295.31 रुपये का भुगतान नहीं किया गया है।
दोनों मामलों में बकाया राशि की वसूली के लिए अदालत ने उपायुक्त, रामगढ़ से संबंधित सरकारी वाहन समेत अन्य चल संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया है।
अदालत ने बैलिफ को कुर्की संबंधी आदेश का तामिला कर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही, वारंट के निष्पादन की रिपोर्ट 7 सितंबर 2026 तक अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।