किला मंदिर की सीढ़ियों से मुख्य सड़क तक बिछाए गए पेवर ब्लॉक, निखरी परिसर की सुंदरता

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : शिवाजी रोड स्थित बांके बिहारी राधा रानी किला मंदिर की सीढ़ियों से मुख्य सड़क तक छावनी परिषद कार्यालय की ओर से पेवर ब्लॉक बिछाए जाने से मंदिर परिसर की सुंदरता निखर उठी है। छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) विवेक सिंह के निर्देश पर कराए गए इस कार्य से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

किला मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सीढ़ियों से मुख्य सड़क तक पेवर ब्लॉक बिछाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कार्य पूरा होने के बाद समिति के महासचिव डॉ. संजय प्रसाद सिंह और कोषाध्यक्ष किशोर जाजू ने छावनी परिषद कार्यालय पहुंचकर सीईओ विवेक सिंह से मुलाकात की। इस दौरान समिति की ओर से भगवान राधा-कृष्ण की तस्वीर प्रतीक चिह्न के रूप में भेंट कर कार्य के लिए आभार व्यक्त किया गया।

ऊपरी मंदिर प्रांगण में भी पेवरब्लॉक बिछाने का आग्रह

मुलाकात के दौरान किला मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर के ऊपरी प्रांगण में भी पेवर ब्लॉक बिछाने का आग्रह किया। समिति को उम्मीद है कि इस प्रस्ताव को भी छावनी परिषद की ओर से जल्द स्वीकृति मिलेगी, जिससे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर हो सकेगी।

मंदिर प्रबंध समिति के महासचिव डॉ. संजय प्रसाद सिंह ने कहा कि किला मंदिर की सीढ़ियों से मुख्य सड़क तक पेवर ब्लॉक बिछाए जाने से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, मंदिर की सुंदरता में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि यह कार्य समिति की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा करने वाला है। इसके लिए छावनी परिषद के सीईओ विवेक सिंह के प्रति समिति आभार व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि अब मंदिर के ऊपरी प्रांगण में भी फेवर ब्लॉक बिछाने की आवश्यकता है, ताकि वहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

मंदिर का स्वरूप हुआ आकर्षक : पंडित गोविंद बल्लभ शर्मा

किला मंदिर के प्रधान पुजारी सह ज्योतिषाचार्य पंडित गोविंद बल्लभ शर्मा ने कहा कि किला मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। फेवर ब्लॉक बिछाए जाने से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी और परिसर का स्वरूप भी आकर्षक हुआ है।

उन्होंने छावनी परिषद की ओर से कराए गए इस कार्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऊपरी प्रांगण में भी फेवर ब्लॉक बिछ जाने से श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी। इससे मंदिर परिसर का विकास और बेहतर होगा।