रामगढ़, झारखंड :व्यवहार न्यायालय के सम्मेलन कक्ष में शुक्रवार को साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा विषय पर व्यापक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, छात्रों, कानूनी पेशेवरों एवं पारा लीगल वालंटियर्स को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और सुरक्षित इंटरनेट के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था।
यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), रामगढ़ मोहम्मद तौफीकुल हसन तथा डालसा सचिव अनिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डालसा सचिव अनिल कुमार ने की। इस दौरान साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर दिगंबर पांडेय, एलएडीसीएस एवं पारा लीगल वालंटियर्स मौजूद रहे।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे साइबर जागरूकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव अनिल कुमार ने कहा कि डिजिटल दौर में कानूनी जागरूकता के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना भी जरूरी है। उन्होंने पारा लीगल वालंटियर्स से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
फर्जी लॉटरी से लेकर बिजली बिल के नाम पर हो रही ठगी
साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर दिगंबर पांडेय ने कार्यक्रम में साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लॉटरी, फर्जी उद्यम योजनाओं, बिजली बिल अपडेट और आरटीओ चालान जैसे अलग-अलग बहानों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में साइबर अपराधी लोगों के बीच डर या जल्दबाजी की स्थिति पैदा कर उनसे आर्थिक ठगी करते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश पर तत्काल भरोसा नहीं करने और बिना सत्यापन के बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
बैंक खाता किराये पर देने से बचने की अपील
दिगंबर पांडेय ने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देने या किराये पर उपलब्ध कराने से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल दूसरे राज्यों में की गई साइबर ठगी से प्राप्त रकम को स्थानांतरित करने के लिए किया गया। इससे खाताधारक अनजाने में कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
उन्होंने साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता को सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया में सावधानी और जागरूकता ही सुरक्षा का मजबूत आधार है।
कार्यक्रम के समापन पर डालसा सचिव अनिल कुमार ने साइबर जागरूकता अभियान में सहयोग एवं समय देने के लिए रामगढ़ पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।