रांची, झारखंड: मंगलवार से लगातार हो रही भारी बारिश ने रामगढ़-रांची फोरलेन की पोल खोल दी है। खासकर ओरमांझी ब्लॉक चौक पर सड़क पर जमा पानी ने तालाब का रूप ले लिया है, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोग और वाहन चालक एनएचएआई की लापरवाही पर नाराज़गी जता रहे हैं।
करोड़ों की लागत, फिर भी बेहाल सड़कें
रामगढ़-रांची फोरलेन को करोड़ों की लागत से बनाया गया है और वाहन चालकों से टोल टैक्स भी लिया जाता है। बावजूद इसके, भारी बारिश में फोरलेन पर जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही है। ओरमांझी चौक पर पानी का जमाव इस बात का प्रतीक बन गया है कि निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव में गंभीर खामियां हैं।
टोल टैक्स वसूलने में आगे, समाधान में पीछे
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एनएचएआई केवल टोल टैक्स वसूली तक ही सीमित है। सड़क की रखरखाव, सुरक्षा और जल निकासी की जिम्मेदारी से वे पीछे हटते दिख रहे हैं। लोगों को भारी बारिश के बीच वाहन चलाने में डर और परेशानी दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
अहम जंक्शन पर बन गया पानी का जाल
ओरमांझी चौक, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, हुंडरू और गोला जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के लिए एक प्रमुख मार्ग है। इस जंक्शन पर हर समय ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। लेकिन जलजमाव ने पूरी व्यवस्था को चरमरा दिया है।
लोगों ने उठाई आवाज, मांगा समाधान
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन और एनएचएआई से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि इस स्थायी समस्या का स्थायी समाधान हो सके। बारिश के हर मौसम में दोहराई जाने वाली यह समस्या जनजीवन और यातायात दोनों के लिए खतरा बन गई है।