रामगढ़, झारखंड: साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए झारखंड सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। रामगढ़ जिले में अब साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए अलग साइबर थाना स्थापित कर दिया गया है। शुक्रवार को बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक क्रांति कुमार गडिदेशी ने पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के साथ संयुक्त रूप से रामगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ऊपरी तल्ले में इस थाने का उद्घाटन किया।
साइबर अपराधों की जांच अब होगी ज्यादा प्रभावी
पुलिस महानिरीक्षक गडिदेशी ने बताया कि साइबर थाना में अब उन मामलों की जांच की जाएगी, जिनमें ₹2 लाख से अधिक की ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी, साइबर हैकिंग, डिजिटल उत्पीड़न और अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध शामिल हैं। ₹2 लाख से कम के मामलों की जांच स्थानीय थाना पुलिस निरीक्षक द्वारा की जाएगी।
जनजागरूकता और डिजिटल सुरक्षा पर भी दिया गया बल
आईजी ने डिजिटल सुरक्षा की गंभीरता को रेखांकित करते हुए आम नागरिकों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की। साथ ही साइबर अपराध से जुड़ी हर शिकायत के लिए अब रामगढ़ के लोगों को राजधानी या दूसरे जिलों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
डीएसपी चंदन वत्स को साइबर थाना प्रभारी का जिम्मा
नवनियुक्त साइबर थाना प्रभारी के रूप में डीएसपी मुख्यालय चंदन वत्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उद्घाटन समारोह से पहले पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आईजी का स्वागत किया। इसके पश्चात उन्हें पुलिस केंद्र में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
समीक्षा बैठक में शामिल हुए जिले के आला अधिकारी
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक में एसडीपीओ पतरातू आईपीएस गौरव गोस्वामी, एसडीपीओ रामगढ़ परमेश्वर प्रसाद, डीएसपी चंदन वत्स, जिले के पुलिस निरीक्षक और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में दर्ज साइबर अपराधों की स्थिति और उनकी रोकथाम पर विस्तृत चर्चा की गई।
अनुसंधानकर्ता निलंबित, सोनाली आत्महत्या कांड में कार्रवाई
समीक्षा के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने रामगढ़ थाना कांड संख्या 383/24 (सोनाली कुमारी आत्महत्या मामला) की जांच में लापरवाही पाए जाने पर अनुसंधानकर्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।