पतरातू (रामगढ़) : पतरातू थाना क्षेत्र के कोतो पंचायत स्थित डाडीडीह बिरहोर कॉलोनी में बिरहोर आदिम जनजाति समुदाय से संबंधित युवक छोटू बिरहोर का शव बुधवार को एक पुराने कुएं से बरामद किया गया। यह कुआं डाडीडीह अंबा टोला के पीछे स्थित है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। पतरातू थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से शव को कुएं से बाहर निकाला। शव की स्थिति को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह घटना करीब 3 से 4 दिन पुरानी है। प्राथमिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
छोटू बिरहोर की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी, यह बात गांव के कई लोगों ने बताई है। घटना के बाद मृतक की पत्नी बबीता देवी और परिवारजन गहरे शोक में डूबे हुए हैं। मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता जयप्रकाश सिंह और पूर्व मुखिया गंगाधर महतो ने प्रशासन पर आदिम जनजातियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिरहोर परिवारों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं, उनके घर जर्जर हालत में हैं और शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस निगरानी नहीं होती।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पतरातू प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की योजना के तहत मृतक की पत्नी को ₹4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
यह दुखद घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि यह आदिम जनजाति समुदाय की दशा-दिशा पर भी चिंता उत्पन्न करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाता है।