रांची, झारखंड :रांची में तीन दिनों तक चली जीओवाइएन इंडिया रीजनल यूथ कन्वीनिंग 2025 में 50 से अधिक युवा नेताओं, एंकर पार्टनर संगठनों, सामुदायिक संस्थाओं और सरकारी प्रतिनिधियों ने एकत्र होकर भाग लिया । यह एक ऐसा सशक्त सम्मेलन था जिसका मुख्य उद्देश्य अवसरविहीन युवाओं को भारत के विकास एजेंडे के केंद्र में लाना था। रांची तीपुदाना के निकट मोमेंट्स रिसोर्ट में कार्यकाम हुआ.
ग्लोबल ऑपर्च्युनिटी यूथ नेटवर्क (जीओवाइएन) द्वारा, एंकर पार्टनर ट्रांसफोर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्य प्रदेश से प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। यह सम्मेलन युवाओं को अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने, निर्णय लेने वालों के साथ मिलकर समाधान गढ़ने और समावेशी व न्यायपूर्ण आर्थिक विकास को दिशा देने का एक मंच बना।
भारत के पहले रीजनल यूथ कन्वीनिंग की थीम — “हमारी ताकत: सहयोग बढ़ाकर टिकाऊ युवा आजीविकाओं को सशक्त बनाना” — को विविध प्लेनरी सत्रों, मास्टरक्लास सेशन्स, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और फील्ड विज़िट्स के माध्यम से सजीव किया गया।
जीओवाइएन के यूथ एडवाइजरी ग्रुप्स और मल्टी-स्टेकहोल्डर एडवाइजरी ग्रुप्स से जुड़े युवाओं ने केंद्र मंच पर आकर शिक्षा, स्किलिंग, उद्यमिता और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर अपने अनुभव और जमीनी नवाचार साझा किए।
सम्मेलन में राइचूर, गुलबर्गा, बड़वानी, रामगढ़, पुणे/पीसीएमसी और भुवनेश्वर जैसे जीओवाइएन समुदायों से जुड़े स्थानीय नेताओं, फाउंडेशनों और सिविल सोसाइटी संगठनों ने युवाओं के साथ मिलकर प्रभावशाली रणनीतियाँ गढ़ने पर चर्चा की।
प्रतिभागियों ने रांची और आसपास के क्षेत्रों में फील्ड विज़िट्स के ज़रिए जमीनी स्तर पर कार्यरत युवा परिवर्तनकर्ताओं से संवाद किया — जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समुदाय-आधारित समाधान, विशेष रूप से युवाओं के नेतृत्व में, किस तरह परिवर्तन ला सकते हैं।
जैसे ही यह सम्मेलन समाप्त हुआ, यहां से मिली ऊर्जा और अंतर्दृष्टियाँ स्थानीय एक्शन प्लान्स, समुदायों के बीच सहयोग और देशव्यापी युवा आजीविका एवं नेतृत्व संवादों में बदलने लगी हैं।
रांची में एकत्रित सैकड़ों लोगों और उनके माध्यम से जुड़े हजारों लोगों के लिए एक संदेश स्पष्ट था : भारत का भविष्य युवा है। और यह भविष्य पहले से ही हमारे बीच मौजूद है!