शिबू सोरेन के निधन के बाद नेमरा में जुटे अधिकारी, रामगढ़ जिले के कामकाज पर पड़ा असर

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रामगढ़, झारखंड : झारखंड आंदोलन के योद्धा और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव पहुंचे।

निधन के बाद से स्व. शिबू सोरेन के पुत्र एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नेमरा गांव में रहकर सभी क्रियाक्रम का संचालन कर रहे हैं और यहीं से अधिकारियों के माध्यम से राज्य के कार्य निपटा रहे हैं। प्रतिदिन नेमरा में वीवीआईपी नेताओं और अधिकारियों का आगमन हो रहा है, जिससे रामगढ़ जिला पुलिस प्रशासन पर खासा दबाव है।

स्थिति यह है कि जिला और विभिन्न विभागों के तमाम आला अधिकारी सुबह होते ही नेमरा पहुंच जाते हैं और दिनभर वहीं रहते हैं। कई अधिकारी अपने विभागीय कर्मचारियों को भी नेमरा बुला लेते हैं, जिससे जिले के लगभग सभी विभागों के कार्य ठप पड़ गए हैं।

स्वतंत्रता दिवस में अब केवल दो-तीन दिन बचे हैं, लेकिन तैयारियों में तेजी नजर नहीं आ रही है। जिलेभर से लोग अपने कार्य के लिए समाहरणालय और अन्य कार्यालयों में पहुंच रहे हैं, पर अधिकारी-कर्मचारी नेमरा में होने के कारण उनका काम नहीं हो पा रहा है।  लोगों को 16–17 अगस्त के बाद आने की सलाह दी जा रही है।

नेमरा में हो रहे ताबड़तोड़ सड़क निर्माण और अन्य कार्य भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के प्रति लोगों के मन में गहरी श्रद्धा है, लेकिन मौजूदा हालात और कार्यप्रणाली पर लोगों के बीच बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि उनके क्रियाक्रम के कुछ दिन बाद ही स्थिति सामान्य हो पाएगी।