नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद खीरू महतो ने झारखंड प्रदेश में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ( बीसीसीएल) के अधीन हो रही भूमिगत अवैध कोयला खनन गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता जतायी है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नयी दिल्ली मुलाकात कर एक पत्र आवेदन दिया है । आवेदन में खीरु महतो ने रामगढ़, हजारीबाग और धनबाद जिले सहित अन्य क्षेत्रों में हो रहे कोयला माफियाओं के अवैध कारोबार को अविलंब रोकने की मांग की है।
अपने आवेदन में खीरू महतो ने लिखा है कि रामगढ़ जिले के रजरप्पा कोयला क्षेत्र में अवैध सुरंग बनाकर कोयला निकाला जा रहा है। इसी अवैध खनन के दौरान एक सुरंग में आग लग गयी और उसे बुझाने के दौरान एक युवक सुरंग में समा गया, जिसकी आज तक कोई खोज-खबर नहीं मिल सकी है। इसके अलावा सी०सी०एल० के कुजु क्षेत्र (रामगढ़) के करमा इलाके में चल रहे अवैध खनन में चार लोगों की मौत हो चुकी है।
सांसद ने हजारीबाग जिले के केदला कोयला खदान का जिक्र करते हुए कहा है कि यह खदान वर्षों से बंद है, लेकिन इसके बावजूद यहां दर्जनों अवैध भूगर्भ परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी तरह सी०सी०एल० की लइथो झारखंड परियोजना में भी कोल माफियाओं द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों गाड़ियों के माध्यम से अवैध कोयले की सप्लाई की जा रही है, जबकि कंपनी का नियमित उत्पादन इससे कहीं कम है।
खीरू महतो ने अपने पत्र में धनबाद जिले में हाल ही में हुए भू धंसान की घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें मजदूर अंदर ही फंस गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि सी०सी०एल० के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक और झारखंड के मुख्य सचिव को निर्देश देकर अवैध कोयला खनन तथा कोयला चोरी पर शीघ्र रोक लगायी जाये और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
उन्होंने कहा है कि देश की बहुमूल्य कोयला संपत्ति की क्षति राष्ट्रहित के विपरीत है और इस पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। सांसद ने केंद्र सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी अविलंब उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।