रामगढ़ (झारखंड): जिले में कोयले के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश करने वाले सीसीएल सुरक्षा विभाग के कर्मियों को अब खुलेआम अपराधियों के हमलों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा घटना रजरप्पा क्षेत्र की है, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे कोयला चोरों ने सुरक्षा दल पर हमला कर दिया। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी समेत कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर की सुबह सीसीएल रजरप्पा क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी को सूचना मिली थी कि सिड़ेंग इलाके में करीब 60–70 मोटरसाइकिल पर सवार अपराधी चोरी का कोयला ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही सुरक्षा प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचते ही कोयला लदे चार मोटरसाइकिल जब्त कर बोलेरो कैंपर में लादा गया। लेकिन वासरी गेट के पास सुरक्षाकर्मी घेर लिए गए। लगभग 150 से अधिक अपराधियों ने अचानक हमला बोल दिया। उन्होंने न केवल सुरक्षाकर्मियों की पिटाई की, बल्कि जब्त किए गए कोयले और मोटरसाइकिल को भी छुड़ाकर ले भागे।
धारदार हथियारों से हमला
मामले को गंभीर बनाते हुए सुरक्षादल ने पीछा किया और भूचुंगडीह फोरलेन के पास तक पहुंचे। बताया जाता है कि विराट होटल के पास पहले से घात लगाए अपराधियों ने दोबारा सुरक्षा कर्मियों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी समेत संतोष मिश्रा, श्यामसुंदर रवानी और मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राथमिकी दर्ज, पर कार्रवाई पर सवाल
घटना के बाद रजरप्पा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें आकाश केवट, सूरज केवट, सुधीर केवट, विनोद केवट समेत 15–20 लोगों का नाम सामने आया है। बावजूद इसके लगातार हो रहे हमलों पर पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई की बजाय उल्टे उन्हें ही कठघरे में खड़ा कर रही है। जानकारों का मानना है कि इस धंधे में स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों की शह होने के कारण कोयला चोरों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है।